Archive for category: इतिहास

भारत के नैतिक पतन के प्रयास

भारत के नैतिक पतन के प्रयास

8 डॉ राजेश कपूर / 2010/07/08 11:12 pm

भारत के नैतिक पतन के सवाल पर कुछ ख़ास तथ्यों को जान लेना उचित रहेगा. पहली बात तो हमको यह जान लेनी चाहिए कि विश्व में सबसे ऊंचे चरित्र का

विश्व पटल पर हिन्दू दर्शन व अध्यात्म के प्रचारक- स्वामी विवेकानन्द

विश्व पटल पर हिन्दू दर्शन व अध्यात्म के प्रचारक- स्वामी विवेकानन्द

0 अरविन्द विद्रोही / 2010/07/05 2:18 pm

गुरूदेव श्री रामकृष्ण परमहंस की अमर वाणी, ‘‘सभी धर्म सत्य हैं और वे ईश्वर प्राप्ति के विभिन्न उपाय मात्र हैं। ‘‘को आत्म सात् किये हुए स्वामी विवेकानन्द ने शिकागो -अमेरिका

साम्राज्यवाद के विरुद्ध दलित चेतना

साम्राज्यवाद के विरुद्ध दलित चेतना

0 जनोक्ति डेस्क / 2010/07/03 2:07 pm

दलितों के साम्राज्यवाद से रिश्ते के प्रश्न पर 1857 याद आता है। ऐसा नहीं है कि दलित समाज हमेशा दया का पात्र था, साम्राज्यवाद के प्रतिरोध की उसकी कोई परंपरा नहीं है।मातादीन भंगी ने सिपाही मंगल

“अँधेरा कायम हो” पायेगा  क्या ?

“अँधेरा कायम हो” पायेगा क्या ?

0 शंकर दत्त फुलारा / 2010/06/23 1:15 pm

विश्व के कुछ स्थानों पर एक विचारधारा “कम्युनिज्म” देश काल परिस्थिति अनुसार मानी जाती है। जिसका जन्म नास्तिकवाद से हुआ है। जिन देशों का थोडा बहुत भी आध्यात्मिक इतिहास और

बदलती प्राथमिकताएं और दम तोड़ती कलाएं

बदलती प्राथमिकताएं और दम तोड़ती कलाएं

0 माणिक जी / 2010/05/30 7:00 am

फड़ वाचन के ऐसे कार्यक्रम पिछले दो दशकों में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर खासे प्रसिद्ध हुए हैं।,ज़माना बड़ी तेजी से बदला रहा है लोगों की रुचियों की लिस्ट बहुत तेजी के साथ करवटें लें रही है,कई बार लगता है कि चीजें अपने बस में नहीं रहीं,लम्बी चैड़ी फड़ां को गांवो में जब वाचन के लिये भोपा-भोपी तैयार होते हैं तो वहां का आलम बिल्कुल लोक संस्कृति की असल झलक देने वाला हो जाता है। चैपाल पर एक तरफ फड़ को लगा दिया जाता है और भोपा हाथ में रावणहत्था या सांरगी लेकर बजाते हुए अपनी गीतों भरे संवादों से लोक देवताओं के जीवन खास-खास कहानियाँ सुनाता है।

‘केसरिया बालम’ मतलब हो गया संस्कृति संरक्षण

‘केसरिया बालम’ मतलब हो गया संस्कृति संरक्षण

0 माणिक जी / 2010/05/26 10:21 am

खाने कमाने के अलावा भी बहुत से काम हैं जिन्दगी में। ऐसे ही विचारों को अपनी रोजमर्रा की जिन्दगी में रपटीली राहों पर जगह देने वाले लोग, कम फीसदी ही

रावण

रावण

1 डा० अतुल कुमार / 2010/05/24 5:52 pm

रावण के सम्‍बन्‍ध मे भिन्न-भिन्न मत प्रचलित है. दशहरे में जलाया जाने वाला रावण इसी देश में पूजा भी जाता है. वर्तमान सन्दर्भ में कलयुगी और त्रेतायुगी रावण की तुलना

फतेहपुर सिकरी किसने बनवाया ?

फतेहपुर सिकरी किसने बनवाया ?

7 देवसूफी राम बंसल / 2010/05/15 10:00 pm

आगरा के निकट एक प्रसिद्द एतिहासिक स्थल फतेहपुर सीकरी है जिसे अकबर द्वारा निर्मित बताया जा रहा है जबकि अनेक ऐतिहासिक साक्ष्य सिद्ध कराते हैं कि अकबर से इसके निर्माण

कभी कश्मीर भी कुछ और था

कभी कश्मीर भी कुछ और था

2 आशीष कु० मिश्रा / 2010/02/16 9:37 pm

कश्मीर आज भले ही आतंकवाद, अलगाववाद, धार्मिक कट्टरता के कारण दुनिया के सबसे संवेदनशील स्थानों में से एक माना जाता है। यहां की वादियां भले ही आज खून से लाल

राष्ट्रीय ध्वज का गौरवशाली अतीत

राष्ट्रीय ध्वज का गौरवशाली अतीत

0 जयराम "विप्लव" / 2010/02/10 10:02 pm

प्रत्‍येक स्‍वतंत्र राष्‍ट्र का अपना एक ध्‍वज होता है। यह एक स्‍वतंत्र देश होने का संकेत है। भारतीय राष्‍ट्रीय ध्‍वज की अभिकल्‍पना पिंगली वैंकैयानन्‍द ने की थी और इसे इसके