रज़ा में राज़ी
2भरोसा एक ऐसी नोक है जिसपर आदमी बिना तैरे पानी के इस पार पहुँच सकता है. मन से माँगी हुई मुराद फरियाद बन कर उस ख़ुदा की दरबार तक आवाज
ट्रेन मानो पंख लगाकर उडी जा रही थी ! पेड, खम्भे, मकान, दुकान, पहाड सभी पीछे छूटे जा रहे थे ! जिस स्थान से रेलगाडी गुजरती थी वहां की धरती
इतिहास गा रहा है, दिन रात गुण हमारा, दुनिया के लोग सुन लो, यह देश है हमारा. बीते समय से पूछो, जिस से हमारा नाता. रवि चन्द्र गा रहे हैं,
उसको सभी महापुरुष कहते थे।वह धर्म के साथ इतना जुड़ा हुआ दिखता था कि सभी उसको भगवान ही मानते थे। उसका मनोविज्ञान का ज्ञान अद्भुत था।उसका प्रयोग करके वह मानव
भरोसा एक ऐसी नोक है जिसपर आदमी बिना तैरे पानी के इस पार पहुँच सकता है. मन से माँगी हुई मुराद फरियाद बन कर उस ख़ुदा की दरबार तक आवाज
घर में बडा होना भी पाप है ! आफिस से आओ तो घर की चिंता ! इस मंह्गाई में घर चलाना कितना मुशिकल है ? वो तो भला हो वर्मा
मुझे मेडिकल में एडमिशन मिल गया था ! मैं बहुत खुश थी ! सभी बहुत खुश थे ! एक छोटे से कस्बे से बडे शहर में आना बहुत अच्छा लग
जीवन में जब सब कुछ एक साथ और जल्दी – जल्दी करने की इच्छा होती है, सब कुछ तेजी से पा लेने की इच्छा होती है, और हमें लगने लगता
मदन केशरी keshari.madan@gmail.com कहते हैं ऐसी कोई घडी नहीं जिसे भोंपू मियाँ दुरुस्त नहीं कर सकते थे ख़राब से ख़राब घडी जो कभी न चली बरसों से जिसके कल-पुर्जे सुई-कांटे
तेज बारिश, रात का घना अंधेरा, अंजान शहर और उस शहर की तमाम सड़कों पर भरा पानी, ऐसे में एक जवान खूबसूरत लड़की उस अजनबी शहर में अपने एक ऐसे
जीवन दो विपरीत शक्तियों का संघर्ष है . जहाँ दो लोग आपस में मिलते हैं ,वहीँ दोनों शक्तियां मिलती है . और जब ये दो शक्तियां करीब आती हैं तो