साहित्य Subscribe to साहित्य
हाय ! ऐसी मोहब्बत
इस भरी दोपहरी में, क्यूँ शमा जलाए बैठी हो | किसका इंतजार है , जो द्वार खोले बैठी हो|| ये कैसी तलब है, जो पलके बिछाए बैठी हो| ये कैसी… Read more
पटना में फ़ैज अहमद फ़ैज का जन्मशताब्दी समारोह
बिहार प्रगतिशील लेखक संध के तत्चावधान में माध्यमिक शिक्षक संध, पटना के सभागार में फ़ैज अहमद फ़ैज की जन्मशती समारोह का आयोजन किया गया । समारोह की अध्यक्षता डा. इम्तियाज… Read more
देश के वर्तमान हालात
वेद प्रकाश शर्मा रोज रोज शाजिश होती है यहाँ देश के साथ लगता है वो मिले हुए हैं गद्दारों के साथ इसी लिए उन की ही भाषा बोल रहे हैं… Read more
स्वार्थी नेताओं के कारनामे
डॉ वेद व्यथित नया शिफूगा छोड़ 2 कर कितना ध्यान हटाओगे बिना पैर कि झूटी बातें कितनी और चलाओगे जिस दिन हिन्दू आतंकी हो जायेगा तो ये सुन लो उस… Read more
जी लेने दो
कतरा-कतरा ज़िंदगी का पी लेने दो बूँद बूँद प्यार में जी लेने दो हल्का-हल्का नशा है डूब जाने दो रफ्ता-रफ्ता “मैं” में राम जाने दो जलती हुई आग को बुझ… Read more
कविता “रावण की दुविधा “
( विरेन्द्र सेहवाग को 99 रन पर शतक बनाने से रोकने के संदर्भ में) हे कुमार संगाकारा व सूरज रनदीव काश ! तुम साबित कर पाते कि तुम नहीं हो… Read more
छोटे नोटों का दुःख
परसों मैं किसी काम से बैंक गया था। वापसी पर कोषागार के पास से निकला, तो लगा मानो वहां कुछ लोग बैठे बात कर रहे हैं। वे बार-बार अर्थनीति, विकास,… Read more
वो सपना ?
कल रात मैंने भी देखा एक सपना , सपने में सारे अपने दिखे पास सभी के चेहरे पर थी एक मुस्कान खुश से सारे , मुझे भी उन्हें देख हुई… Read more
लोग आज़ाद हो न सके
देश आजाद तो हो गया लोग आज़ाद हो न सके लोगों ने जुल्म तो सही पर खुशी का जश्न मना न सके | बड़े दरबार की रक्षा तो की पर… Read more

