Archive for category: पर्यटन

बिहार में पर्यटन की असीम संभावनायें ———-

बिहार में पर्यटन की असीम संभावनायें ———-

0 मनीष कुमार वत्स / 2011/10/31 5:01 pm

बदलते दौर में बिहार जहाँ विकास में अपने कदम मजबूत करने में जुटा है , बिहार में हरेक सेक्टर में जहाँ विकास की गति बढती दिखाई दे रही है ,

पर्यटन व्यवसाय बदल सकता है बिहार की तस्वीर

पर्यटन व्यवसाय बदल सकता है बिहार की तस्वीर

0 जनोक्ति डेस्क / 2011/08/30 11:24 am

राजीव कुमार बिहार के बंटवारे के बाद नये राज्य झारखंड में खनिज पदार्थों के चले जाने से कृषि प्रधान बिहार में विकास की उम्मीदें महज खेती -किसानी पर ही टिकी

जंगलों की शान बाघ कभी खत्म न होने पाए!

जंगलों की शान बाघ कभी खत्म न होने पाए!

0 रमेश भट्ट / 2011/05/25 10:58 am

यह कहानी है देश के राष्ट्रीय पशु बाघ की। यह कहानी है बाघ की उस दहाड़ की, जो पर्यावरण संतुलन के लिए बेहद जरूरी है। लेकिन यह दहाड़ अब रोमांचित

नर्मदा सामाजिक कुंभ का होगा निराला आगाज

नर्मदा सामाजिक कुंभ का होगा निराला आगाज

0 जनोक्ति डेस्क / 2011/02/01 1:51 pm

माँ नर्मदा सामाजिक कुंभ में देशभर से संत, महात्माआंे एवं प्रबुद्धजनो के अलावा लगभग तीस लाख लोगों के आने की संभावना है। इसकी सुचारु व्यवस्था के लिये हजारों कार्यकर्ता कुंभ

समय के साथ कदमताल में असफल सोनपुर मेला

समय के साथ कदमताल में असफल सोनपुर मेला

0 ब्रज किशोर सिंह / 2010/12/02 5:16 pm

मैं जब नन्हा-मुन्ना था तो मेरी दीदी मुझे सुलाने के लिए रोजाना एक लोरी गाती-’आ रे निंदिया निन्दरवन से,बौआ अलई नानी घर से,नानी घर बौआ कथी-कथी खाए,साठी के चूड़ा,पुरहिया गाय

ब़ृहदेश्‍वर मंदिर चोल स्थापत्य कला का उत्कृष्ट नमूना है

ब़ृहदेश्‍वर मंदिर चोल स्थापत्य कला का उत्कृष्ट नमूना है

0 जनोक्ति डेस्क / 2009/11/15 2:19 pm

ब़ृहदेश्‍वर मंदिर चोल वास्‍तुकला का शानदार उदाहरण है, जिनका निर्माण महाराजा राजा राज (985-1012.ए.डी.) द्वारा कराया गया था। इस मंदिर के चारों ओर सुंदर अक्षरों में नक्‍काशी द्वारा लिखे गए

पाताल भुवनेश्वर- रहस्यों को खुद में समेटे एक शिल्प

पाताल भुवनेश्वर- रहस्यों को खुद में समेटे एक शिल्प

1 उमेश पंत / 2009/10/15 11:58 am

    उत्तराखण्ड की पहाड़ी वादियों के बीच बसे सीमान्त कस्बे गंगोलीहाट की पाताल भुवनेश्वर गुफा किसी आश्चर्य से कम नही है। यहां पत्थरों से बना एक. एक शिल्प तमाम