Archive for category: खेल-कूद

मोदी का जाना तो तय है…

मोदी का जाना तो तय है…

1 पुष्पेन्द्र आल्बे / 2010/04/22 5:25 pm

आईपीएल समाप्ति पर है और इसी के साथ ललित मोदी का स्वर्णिम काल भी खत्म होता नजर आ रहा है. तीन साल पहले, 2008 में, विश्व क्रिकेट को आईपीएल की

आंसू बहा रहा है दद्दा की विरासत

आंसू बहा रहा है दद्दा की विरासत

0 अनिकेत प्रियदर्शी / 2010/03/15 9:50 pm

हाकी विश्व कप ख़त्म हुआ और आई पी एल का भूत सवार हुआ , मगर हाकी के बारे में कुछ तो कहना बचा  रह ही गया है भाई  | कहा है की फिर दिल दिया हाकी

आईपीएल के रोमांच के लिए हो जाइए तैयार

आईपीएल के रोमांच के लिए हो जाइए तैयार

0 पुष्पेन्द्र आल्बे / 2010/03/12 3:43 pm

2008 में आईपीएल के पहले सत्र के उदघाटन समारोह के दौरान लीग के चेयरमैन ललित मोदी की आंखों में एक ख्वाब स्पष्ट तौर पर दिखाई दे रहा था. यह ख्वाब

फ़िर दिल तोड़ा हॉकी ने

फ़िर दिल तोड़ा हॉकी ने

0 पुष्पेन्द्र आल्बे / 2010/03/09 10:48 pm

दिल्ली के ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में कुछ दिनों पहले जब हॉकी विश्वकप का आगाज हुआ था, तो क्रिकेट को धर्म की तरह पूजने वाले भारतीय खेल प्रेमियों ने अपने क्रिकेट

सचिन की उपलब्धियों को स्वीकारने का वक्त

सचिन की उपलब्धियों को स्वीकारने का वक्त

0 पुष्पेन्द्र आल्बे / 2010/03/07 11:49 am

तकरीबन दो सप्ताह पहले दक्षिण अफीका के खिलाफ एकदिवसीय श्रंखला के दौरान ग्वालियर वनडे में दो सौ रनों की कीर्तिमान भरी पारी खेलकर समूचे देश को मंत्रमुग्ध कर देने वाले

बड़बोलेपन पर मेहनत की विजय

बड़बोलेपन पर मेहनत की विजय

0 राहुल चौधरी / 2010/03/02 6:20 pm

भारत जीत गया. कई सालों के बाद ऐसी ऐतिहासिक विजय मिली है, वर्ल्ड कप के पहले मैच में 4-1 से विजय और वो भी पाकिस्तान से! वाह-वाह! हर भारतीय यही

सचिन तेंदुलकरः महानता पर सवाल नहीं

सचिन तेंदुलकरः महानता पर सवाल नहीं

0 पुष्पेन्द्र आल्बे / 2010/02/25 4:04 pm

समाचार पत्र में खेल संपादक होने के नाते कल का दिन मेरे लिए भी उतना ही ऐतिहासिक था, जितना कि करोड़ों भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के लिए. बतौर खेल संपादक दैनिक

बुकनान फिर से मीडिया की सुर्खियों में

0 अभिषेक कुमार सिंह / 2009/07/11 10:51 am

हमारे यहाँ एक कहावत है जिसके अनुसार जो काम से बड़ा नही हो पता वो केवल मुह से बडा बनने की कोशिश करता है. लगता है जौन बुकनान भी आज