Archive for category: विविध

कृषि ऋण में व्यापक सुधार की जरुरत

कृषि ऋण में व्यापक सुधार की जरुरत

0 रमेश भट्ट / 2011/12/08 8:47 pm

बजट 2011- 12 में सरकार ने  कृषि  ऋण का लक्ष्य 4.75 लाख करोड़ रखा है। यह पिछले साल के मुकाबले 1 लाख करोड़ ज्यादा है। ऋण खेती की एक बुनियादी

कृषि और उद्योग क्षेत्र में अर्थव्यवस्था की मुश्किलें

कृषि और उद्योग क्षेत्र में अर्थव्यवस्था की मुश्किलें

0 रमेश भट्ट / 2011/12/07 12:25 pm

बढ़ती आबादी की मांग को देखते हुए इस देश को दूसरी हरित क्रांति की जरूरत है। खाद्यान्न के रिकार्ड तोड़ उत्पादन के बावजूद कृषि क्षेत्र में व्यापक बदलाव की जरूरत

68 % किसानों के बारे में कौन सोचेगा ?

68 % किसानों के बारे में कौन सोचेगा ?

1 मनीष कुमार वत्स / 2011/12/04 11:36 pm

भारत में कृषि की प्रधानता को इस नजरिये से देखा जा सकता है कि यहाँ की लगभग 68 फीसदी आबादी कृषि आधारित संरचना पर निर्भर रहती है , पेट भरने

नेत्रदान का अद्भुत उदाहरण है कनालसी गाँव

नेत्रदान का अद्भुत उदाहरण है कनालसी गाँव

0 देवेन्द्र नाथ श्रीवास्तव / 2011/12/02 10:34 am

नेत्रदान का अद्भुत उदाहरण है कनालसी गाँव|  करीब 2500 की आबादी वाले इस गांव की एक तिहाई से ज्यादा आबादी ने नेत्रदान का संकल्प कर नेत्रहीनों की बेनूर दुनिया में रंग

कृषि पदार्थों में आज भी समृद्ध है बुन्देलखण्ड

0 कुमारेन्द्र / 2011/11/27 12:21 am

जबसे उत्तर प्रदेश सरकार ने बुन्देलखण्ड राज्य के प्रस्ताव की चर्चा की है तबसे बुन्देलखण्ड के लिए संघर्ष कर रहे लोगों के साथ-साथ आम आदमी को भी इस बात का

कब तक झूठ बोलेंगे अजहर

कब तक झूठ बोलेंगे अजहर

2 ब्रज किशोर सिंह / 2011/11/24 2:13 pm

मित्रों,वर्ष १९८४ में भारतीय क्रिकेट के क्षितिज पर अपने पहले तीनों टेस्ट मैचों में लगातार तीन शतक ठोंकता हुआ उदित हुआ एक ऐसा सितारा खिलाडी जिसे पूरी दुनिया की मीडिया

‘जुगनू’ तथा ‘एस०आर०एम० सैट’  ने अंतरिक्ष में रचा इतिहास

‘जुगनू’ तथा ‘एस०आर०एम० सैट’ ने अंतरिक्ष में रचा इतिहास

0 डॉ० मनोज मिश्र / 2011/11/22 1:19 am

भारतीय शिक्षण संस्थाओं ने अपने-अपने उपग्रह ‘जुगनू’ तथा ‘एस०आर०एम० सैट’ को अन्तरिक्ष में भेज कर सचमुच इतिहास रच दिया है। यह वह इतिहास होगा जो देश के विकास में मील

दिल्ली में लोकपर्व सामा चकेवा का आयोजन

दिल्ली में लोकपर्व सामा चकेवा का आयोजन

0 जनोक्ति डेस्क / 2011/11/11 2:18 pm

मिथिलांचल में भाई-बहन के स्नेह के प्रतीक के रूप में मनाए जाने वाले लोकपर्व सामा चकेवा के समापन के दिन दिनांक 11.11.2011 को राजधानी के त्रिवेणी कला संगम में “माटी”

भाषा आंदोलन के पुरोधा ‘राजकरण जी’ के निधन पर शोकसभा

भाषा आंदोलन के पुरोधा ‘राजकरण जी’ के निधन पर शोकसभा

0 जनोक्ति डेस्क / 2011/11/04 7:48 pm

राजकरण सिंह के विचारों को आगे बढ़ाने की जरूरत : राम बहादुर राय हिन्दी आंदोलन के पुरोधा श्री राजकरण सिंह की श्रद्धांजली सभा भारत नीति प्रतिष्ठान के सेमिनार कक्ष में

बिहार में पर्यटन की असीम संभावनायें ———-

बिहार में पर्यटन की असीम संभावनायें ———-

0 मनीष कुमार वत्स / 2011/10/31 5:01 pm

बदलते दौर में बिहार जहाँ विकास में अपने कदम मजबूत करने में जुटा है , बिहार में हरेक सेक्टर में जहाँ विकास की गति बढती दिखाई दे रही है ,