कृषि ऋण में व्यापक सुधार की जरुरत
0बजट 2011- 12 में सरकार ने कृषि ऋण का लक्ष्य 4.75 लाख करोड़ रखा है। यह पिछले साल के मुकाबले 1 लाख करोड़ ज्यादा है। ऋण खेती की एक बुनियादी
पांच राज्यों के चुनावों में कांग्रेस के निराशाजनक प्रदर्शन से सबक लेते हुए एवं रेल बजट से उत्पन्न हुए गर्म सियासी माहौल के बीच वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने यूपीए
उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के बाद एक बार फिर से नदियों के एकीकरण की योजना को लेकर बड़ी बहस छिड़ गयी है | एक ओर कुछ स्वार्थी तत्व हैं जो
वित्तमंत्री महोदय संसद में जो बजट पेश किया सो तो किया ही, यहाँ एक आम नागरिक की ओर से बजट का खाका प्रस्तुत किया जा रहा है- रुपये के ‘मूल्य’
बजट 2011- 12 में सरकार ने कृषि ऋण का लक्ष्य 4.75 लाख करोड़ रखा है। यह पिछले साल के मुकाबले 1 लाख करोड़ ज्यादा है। ऋण खेती की एक बुनियादी
बढ़ती आबादी की मांग को देखते हुए इस देश को दूसरी हरित क्रांति की जरूरत है। खाद्यान्न के रिकार्ड तोड़ उत्पादन के बावजूद कृषि क्षेत्र में व्यापक बदलाव की जरूरत
भारत में कृषि की प्रधानता को इस नजरिये से देखा जा सकता है कि यहाँ की लगभग 68 फीसदी आबादी कृषि आधारित संरचना पर निर्भर रहती है , पेट भरने
नेत्रदान का अद्भुत उदाहरण है कनालसी गाँव| करीब 2500 की आबादी वाले इस गांव की एक तिहाई से ज्यादा आबादी ने नेत्रदान का संकल्प कर नेत्रहीनों की बेनूर दुनिया में रंग
जबसे उत्तर प्रदेश सरकार ने बुन्देलखण्ड राज्य के प्रस्ताव की चर्चा की है तबसे बुन्देलखण्ड के लिए संघर्ष कर रहे लोगों के साथ-साथ आम आदमी को भी इस बात का
मित्रों,वर्ष १९८४ में भारतीय क्रिकेट के क्षितिज पर अपने पहले तीनों टेस्ट मैचों में लगातार तीन शतक ठोंकता हुआ उदित हुआ एक ऐसा सितारा खिलाडी जिसे पूरी दुनिया की मीडिया
भारतीय शिक्षण संस्थाओं ने अपने-अपने उपग्रह ‘जुगनू’ तथा ‘एस०आर०एम० सैट’ को अन्तरिक्ष में भेज कर सचमुच इतिहास रच दिया है। यह वह इतिहास होगा जो देश के विकास में मील
मिथिलांचल में भाई-बहन के स्नेह के प्रतीक के रूप में मनाए जाने वाले लोकपर्व सामा चकेवा के समापन के दिन दिनांक 11.11.2011 को राजधानी के त्रिवेणी कला संगम में “माटी”
राजकरण सिंह के विचारों को आगे बढ़ाने की जरूरत : राम बहादुर राय हिन्दी आंदोलन के पुरोधा श्री राजकरण सिंह की श्रद्धांजली सभा भारत नीति प्रतिष्ठान के सेमिनार कक्ष में
बदलते दौर में बिहार जहाँ विकास में अपने कदम मजबूत करने में जुटा है , बिहार में हरेक सेक्टर में जहाँ विकास की गति बढती दिखाई दे रही है ,