बराबरी का हक़ मिले बेटियों को : क्राई
0बाल अधिकार पर काम करने वाला संस्था चाइल्ड राइट्स एडं यू ‘क्राई’ ने देश में लड़कियों के साथ होने वाले भेदभाव को दूर करने की अपील करते हुये बेटियों को
जब मै छोटा था तो जीवन के प्रति काफी जिज्ञासु था ,हर बच्चा होता है,उसे जीवन रहस्यमई लगता है,और उसकी खोज उसे ख़ुशी देती है,जैसे जैसे हम जानने लगते है,जीवन
केन्द्र सरकार द्वारा गठित सर्च-कमिटी 28-29 मई को भारत के सर्वोत्तम विश्वविद्यालय बीएचयू में पहुँची, तो परिसर का तापमान अचानक ही बढ़ गया. ‘वीसी खोजो’ अभियान पर निकले इस सर्च-कमिटी
पिछले तीन-चार वर्षों में बिहारी अस्मिता या यूँ कहें की बिहारीपन की भावना प्रवासी बिहारियों में उबाल मारने लगी है | बिहार में लालू राज के बाद स्थिति में अपेक्षाकृत
बाल अधिकार पर काम करने वाला संस्था चाइल्ड राइट्स एडं यू ‘क्राई’ ने देश में लड़कियों के साथ होने वाले भेदभाव को दूर करने की अपील करते हुये बेटियों को
आंधी पानी से डाली टूटी आंधी पानी से डाली टूटी, आंधी पानी से डाली टूटी, अण्डों समेत गिरी, चिरैय्या सोती सोती, घोंसला टूटा, अँडे फूटे, चिड़ा चिरैय्या! स्तब्ध! हाय रे
स्कूल के आखिरी दिन सभी बच्चे अपनी प्यारी मैडम के लिए कोई न कोई तोहफा लेकर आए थे… फूल की दुकान चलाने वाले के बेटे के हाथ से पैकेट लेकर
बिहार के गरीब छात्रों को आईआईटी प्रवेश परीक्षा की तैयारी करवाने वाले शिक्षण संस्थान ” सुपर-30 ” अब देश के साथ-साथ विदेशों में भी लोकप्रियता को छू रहा है |
मैं एक पेड़ हूँ जो खड़ा है एक वातानुकूलन यंत्र (A.C) के वायु निकास के सामने, ऐसा लोग कहते हैं पर सच तो यह है की उस वायु निकास वाले
कल 09.09.2010 को ज्ञान निकेतन स्कूल का रजत जयंती समारोह स्थानीय श्रीकृष्ण मेमोरिअल हॉल, पटना में मनाया गया. इस समारोह में दुर्भाग्य से मैं भी पहुँच गया था. पर यदि
-राजेश त्रिपाठी पुण्य धरा भारत भूमि में भगवान ने समय-समय पर विविध अवतार ग्रहण कर सज्जनों के कष्टों का निवारण और दुर्जनों का संहार किया है। इन अवतारों में कृष्णावतार
क्रिकेट एक बार फिर शर्मशार है। एक स्थानिय अखबार न्यूज ऑफ द वर्ल्ड के खुलासे में पाकिस्तानी क्रिकेटरों पर फिक्सिंग का अरोप लगा है। पाकिस्तान को लॉर्ड्स में इंग्लैण्ड के खिलाफ करारी
२८ अगस्त २०१० गुडगाँव में अंततः कॉमनवेल्थ के थीम गाने को दुनिया के सामने तमाम ताम-झाम के साथ लॉन्च कर दिया गया है. कॉमनवेल्थ थीम गाना ‘स्वागतम’ ऑस्कर विजेता ऐ
भारत वर्ष पर अंग्रेजों का हुकुमत तक़रीबन दो सौ सालों तक रहा है १५ अगस्त १९४७ को वह भारत छोड़ कर अपने मुल्क को वापस चले गए , लेकिन जाने