Archive for category: जीवन बीमा

कोई जाति नहीं होती गरीबी की

कोई जाति नहीं होती गरीबी की

7 ब्रज किशोर सिंह / 2011/12/26 8:38 pm

मित्रों,भारत में जाति का क्या स्थान है इससे आप भी भली-भांति परिचित होंगे.हमारे कुछ पढ़े-लिखे मित्र भी जाति नाम परमेश्वर में विश्वास रखते हैं.हमारे एक पत्रकार मित्र जो यादव जाति

गरीबी की लक्ष्मण रेखा.

गरीबी की लक्ष्मण रेखा.

1 एल.आर. गाँधी / 2011/09/22 8:51 pm

भारत से गरीब और गरीबी को मिटाने के भागीरथ परियास पिछले छह दशकों से जारी हैं … मगर गरीबी रेखा के साथ साथ ..गरीब हैं कि बढ़ते ही जा रहे

कहाँ गया वो बचपन, छिन गया वो बचपन

कहाँ गया वो बचपन, छिन गया वो बचपन

1 श्याम एन रंगा / 2011/03/25 9:18 pm

इक्कड़ बिक्कड़ बम्बे बो, अस्सी नब्बे पूरा सौ ………पोसम्बा भाई पासेम्बा डाकिये ने क्या किया…….. ये वो शब्द है जो आजकल गली मौहल्लों में सुनने को नहीं मिलते हैं। इन

वर्तमान विकास का ढांचा मानव समाज के विनाश का कारण बन सकता है

वर्तमान विकास का ढांचा मानव समाज के विनाश का कारण बन सकता है

1 जनोक्ति डेस्क / 2011/02/19 10:26 am

नन्दकिशोर शर्मा उदयपुर जंगल, जमीन, पेड़ एवं पर्यावरण को बचाने से ही भविष्य को बचाया जा सकता है। विश्व की कई समृृद्ध सभ्यतां एवं समाज महज इसीलिए नष्ट हो गए

कैंसर के चंगुल में राघोपुर प्रखंड

कैंसर के चंगुल में राघोपुर प्रखंड

0 ब्रज किशोर सिंह / 2010/12/12 11:41 am

मैं पिछले एक सप्ताह से अपने सबसे छोटे ४५ वर्षीय चाचा के श्राद्ध के सिलसिले में अपने गाँव में था.पटना के पार्श्व में स्थित राघोपुर प्रखंड के जुड़ावनपुर बरारी गाँव

कष्ट की विषय-वस्तु है जीवन बीमा

कष्ट की विषय-वस्तु है जीवन बीमा

0 ब्रज किशोर सिंह / 2010/11/09 9:45 pm

जीवन का कोई ठिकाना नहीं.कब क्या हो जाए कोई नहीं जानता.इसी अनिश्चितता ने जन्म दिया बीमा के व्यवसाय को.निश्चित रूप से बीमा कम्पनियों ने लाखों-करोड़ों घरों को उजड़ने से बचाया

किस्सा देहदान का

किस्सा देहदान का

0 R K KHURANA / 2010/09/30 5:11 am

जब टी वी और बीवी दोनो नाराज़ हों तों समय काटना मुश्किल हो जाता है ! हमारे यहां तो लाईट थी परंतु केबल वाले की कालोनी की बत्ती गुल होने

बच्चों की शिक्षा/ विवाह के लिए बीमा पॉलिसी LIC

0 जनोक्ति डेस्क / 2009/11/18 9:14 am

  शिक्षा आज के सर्वाधिक मँहगी आवश्यकताओं में से एक है। परिवार में सन्तान के आते ही उसकी उच्च शिक्षा अथवा (कन्या जन्म के मामले में उसके) विवाह की चिन्ता