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” भारत की जनगणना 2011 ” एक नज़र
” भारत की जनगणना 2011 ” काफी चर्चा में है | जाती के आधार को लेकर राजनीतिक बबाल मचा हुआ है जबकि अभी तक कोई निश्चित फैसला सरकार की ओर… Read more
असंठित श्रमिकों की वर्तमान स्थिति
साभार : आईएलओ प्रकाशित पुस्तक “मुक्ति की रह” अनौपचारिक अर्थव्यवस्था मोटे तौर पर इस प्रकार परिभाषित की जा सकती है- ऐसी अर्थव्यवस्था जिसमें अनिगमित उद्यम, अनियत या दिहाड़ी मजदूर है। भारत सहित… Read more
कौटिल्य के बारे में मणिशंकर प्रसाद के विचार
भारतीय राजनीतिक चिंतन के इतिहास में कौटिल्य एक ऐसा नाम है जिसके व्यक्तित्व और कृतित्व दोनों में विलक्षणता है। कौटिल्य का ‘अर्थशास्त्र’ कई संदर्भों में दुरूह होते हुए भी अर्थ-व्यवस्था,… Read more
झूठ नहीं बोलता इतिहास:जगदीश चंद्रिकेश
इतिहास हमेशा विजेताओं का हुआ करता है या शासकों का, पराजित या शासितों का नहीं, क्योंकि इतिहास तो वही लिखवा सकते हैं, और लिखवाते हैं, जो सत्ता में होते हैं।… Read more
हिन्दू मन की खोज
कृष्ण कुमार हिन्दू होने के मायने खोजने वक्त अपनी निजी नियति से घिर जाना बहुत आसान है। मेरी समझ में हिन्दू होने का कोई ऐसा अर्थ सोच सकना या बता… Read more
भारत में ‘अपग्रेडेशन ‘ की परम्परा
लेखक :धर्मनारायण शर्मा अति प्राचीनकाल से भारत में नीचे को ऊंचा उठाने का कार्य चलता हैं। मैं नीचा यह मनोविज्ञान व्यक्ति और जाति में हीनता का भाव निर्माण करता है।… Read more
वर्तमान पत्र-अकारिता और माखनलाल चतुर्वेदी -3
देश के अन्य पत्रों में जिनकी सेवाएं मूल्यवान ही रही हैं वे हैं अलमोड़ा की शक्ति और उसकी लगातार अपने क्षेत्र की राष्ट्रीय सेवाएं बिहार के ‘देश’और ‘महावीर’आगरे का ‘आर्य… Read more
वर्तमान पत्र-अकारिता और माखनलाल चतुर्वेदी -2
महाशयों, हमारे देश के समाचार पत्र संगठित नहीं हो रहे । श्रीयुत नटराजन के सभापितत्व में बम्बई में श्रीमान रामस्वामी शास्त्री के सभापतित्व में मद्रास में, ‘फारवर्ड’ के एक भूतपूर्व… Read more
वर्तमान पत्र-अकारिता और माखनलाल चतुर्वेदी -1
देश के उपदेशक संपादक,सज्जनों एवं पत्रकार बंधुओं ! मेरी अपेक्षा ज्ञान-वद्ध वयोवृद्ध औत तपोवृद्ध व्यक्तियों के होते हुए, आपने मेरे जैसे अनुभवहीन व्यक्ति को, इस संस्था के सभापतित्व का गौरवपूर्ण… Read more

