Archive for category: दो-टूक

मजबूरी ही सही फांसी तो होगी अफजल को !

मजबूरी ही सही फांसी तो होगी अफजल को !

2 जितेन्द्र प्रताप सिंह / 2011/08/12 10:10 am

अभी 27 जुलाई को गृह मंत्रालय ने संसद पर हमलों का दोषी अफजल गुरु की दया अर्जी की फाइल सात सालो के बाद राष्ट्रपति के पास भेजी .. मै ही

सख्त जरूरत पर ही हो अधिग्रहण

सख्त जरूरत पर ही हो अधिग्रहण

0 जितेन्द्र कुमार नामदेव / 2011/07/29 8:52 pm

हमने जिस धरती पर जन्म लिया है वो हमारी धरती मां है जिसकी गोद में खेलते-कुदते हम कब बड़े हो जाते है, हमें इसका अनदाजा भी नहीं होता। अगर बात

नए भूमि अधिग्रहण बिल पर उठते सवाल

नए भूमि अधिग्रहण बिल पर उठते सवाल

3 दीपाली पाण्डेय / 2011/07/28 8:14 am

सरकार ने नया भूमि अधिग्रहण बिल तैयार कर लिया है | ड्राफ्ट में साफ कहा गया है कि भूमि अधिग्रहण का अधिकार निजी कंपनियों को नहीं होगा। भट्टा पारसौल और

भारतीय लोकतंत्र की वर्तमान विकट परिस्थितियां

1 जुगल किशोर सोमानी / 2011/07/11 4:00 pm

वर्तमान समय भारतीय लोकतंत्र का संकर्मण काल कहा जा सकता है. लोकतंत्र की इस व्यवस्था ने देश को आकंठ भ्रष्टाचार , बेहद गरीबी , बेरोजगारी , मुक्त भोग विलासिता , भोंडे

जनता ही जर्नादन है,मत भूलो !

जनता ही जर्नादन है,मत भूलो !

1 अमित चंद्रा / 2011/07/09 7:24 pm

भारतीय लोकतंत्र एक बड़े संक्रमणकाल से होकर गुजर है | एक ओर अरब देशों की जनता में तानाशाही को उखाड़ लोकतंत्र को बहाल करने की जिद है तो वहीँ भारतवर्ष

जनता अंधी,बहरी और पागल नहीं है !

जनता अंधी,बहरी और पागल नहीं है !

1 अजीत कुमार सिंह / 2011/07/07 7:00 pm

भारतीय लोकतंत्र एक बड़े संक्रमणकाल से होकर गुजर है | एक ओर अरब देशों की जनता में तानाशाही को उखाड़ लोकतंत्र को बहाल करने की जिद है तो वहीँ भारतवर्ष को तानाशाह की जरुरत है ,ऐसा कहने वालों की संख्या बढ़ रही है

समानान्तर सत्ता NAC

समानान्तर सत्ता NAC

2 सुरेश चिपलूनकर / 2011/06/28 6:55 pm

कपिल सिब्बल कहते हैं कि “जनलोकपाल” एक “समानान्तर सत्ता व्यवस्था” बन जायेगा, जो कि लोकतन्त्र के लिए खतरा है। क्या कपिल सिब्बल सोनिया गाँधी के निजी क्लब “NAC” (नेशनल एडवायजरी

लो फिर दाम बढ़ गए है !

लो फिर दाम बढ़ गए है !

2 जनोक्ति डेस्क / 2011/06/25 1:56 pm

विजय पाटनी – लो फिर दाम बढ़ गए है , सुना है हमारे मनमोहन सिंह जी अर्थशास्त्री है , और वो व्यर्थ में कुछ करते नहीं है , सही है

दिल्ली पुलिस का झूठा हलफनामा लेकिन तस्वीरें झूठ नहीं बोलती !

दिल्ली पुलिस का झूठा हलफनामा लेकिन तस्वीरें झूठ नहीं बोलती !

3 जनोक्ति डेस्क / 2011/06/21 12:09 am

आरती. सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली पुलिस ने जो हलफनामा पेश किया है उससे लगता है कि दिल्ली पुलिस जनता को बेवकूफ ही समझती है तभी तो यह कह रही है कि

क्या पूरे कांग्रेस की जीत धांधली पर आधारित थी ?

क्या पूरे कांग्रेस की जीत धांधली पर आधारित थी ?

6 जनोक्ति डेस्क / 2011/06/16 9:47 pm

जयललिता ने कहा है – चिदंबरम धांधली के जरिए जीते. इसलिए उनका मंत्रिमंडल में रहना ठीक नहीं है. चिदंबरम 2009 में संसद के लिए कभी नहीं चुने गए. उन्होंने देश