Archive for category: दो-टूक

बलात्कार आदि मामलों के लिए न्यायिक प्रक्रिया: एक सुझाव

बलात्कार आदि मामलों के लिए न्यायिक प्रक्रिया: एक सुझाव

1 जयदीप शेखर / 2012/02/21 12:21 pm

कल बलात्कार की सजा के रुप में बलात्कारी को “नपुँसक” बनाये जाने, या उसका “लिंग-परिवर्तन” किये जाने पर बात हुई थी। आज बलात्कार तथा यौन-उत्पीड़न-जैसे मामलों की सुनवाई कैसे होनी

बलात्कार की सजा

बलात्कार की सजा

1 जयदीप शेखर / 2012/02/20 10:05 am

बलात्कारी को कठोर सजा देने की वकालत करते हुए एक महिला न्यायाधीश ने यह प्रश्न उठाया है कि क्यों न बलात्कारी को नपुँसक बना दिया जाय? (इस तरह के प्रश्न

कानून पर कानून, संस्था पर संस्था…

कानून पर कानून, संस्था पर संस्था…

0 जयदीप शेखर / 2012/02/19 10:46 am

सन्नी देओल के फिल्मी संवाद “तारीख पर तारीख, तारीख पर तारीख” का इस्तेमाल मुहावरे के रुप में होने लगा है, जो हमारी न्यायपालिका की लेट-लतीफी, संवेदनहीनता तथा (निचली न्यायपालिका में

प्रधानमंत्री का चुनाव-प्रचार

प्रधानमंत्री का चुनाव-प्रचार

2 जयदीप शेखर / 2012/02/18 9:02 am

कल टी.वी. पर देखा, हमारे प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह कानपुर की एक चुनावी रैली में काँग्रेस के लिए जनता से वोट माँग रहे थे। वे ‘सोनिया जी के मार्गदर्शन’ तथा

एक हैं ” शरीफ चचा”

एक हैं ” शरीफ चचा”

3 जयदीप शेखर / 2012/02/17 9:46 am

उत्तम सिंह (भारतीय स्टेट बैंक, लखनऊ) शहर-ए-लखनऊ से आप सबको सुबह का सलाम क़बूल हो। आज के अख़बार में एक ऐसी ख़बर पढ़ीजिसे आप सब के साथ बांटना चाहता हूँ। इस

राहुल ने अपने ही उम्मीदवारों की सूची फाड़ी थी

राहुल ने अपने ही उम्मीदवारों की सूची फाड़ी थी

9 चाणक्य चिंतन / 2012/02/16 12:21 pm

ये क्या जिस घोषणा-पत्र यानी चुनावी वादों को फाड़ कर राहुल गाँधी हीरो बनने की कोशिश में थे वो सूची किसी दूसरी पार्टी की नहीं बल्कि खुद कांग्रेस उम्मीदवारों की

ये क्या कर दिया राहुल बाबा ?

ये क्या कर दिया राहुल बाबा ?

0 जितेन्द्र प्रताप सिंह / 2012/02/16 12:08 am

दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश में दूसरे राजनीतिक दलों के घोषणा पत्र फाडकर राहुल गाँधी ने वैचारिक दरिद्रता और विक्षिप्तता का प्रमाण प्रस्तुत किया है | लोकतंत्र में विपक्षी

वे बेहद प्रशिक्षित आतंकी थे!

वे बेहद प्रशिक्षित आतंकी थे!

0 चंद्रकांत वाजपेई / 2012/02/15 11:20 am

नागरिक सुरक्षा’ की स्थापना में नागरिकों की भूमिका दिल्ली में एक बार मिला ” स्टीकर बम. ” इस त्रासदी पर सरकार की स्पष्टोक्ति :- ” वे बेहद प्रशिक्षित आतंकवादी थे.

खुर्शीद का माफीनामा काफी नहीं,कार्यवाई करे आयोग

खुर्शीद का माफीनामा काफी नहीं,कार्यवाई करे आयोग

0 जयराम "विप्लव" / 2012/02/14 6:17 pm

चुनाव आयोग सोचे कि जो प्रतिष्ठा और विश्वास टी०एन०शेषण ने अर्जित किया था उसे कायम रखना है या नहीं ?   मुस्लिम आरक्षण और बाटला हाउस को अपनी चुनावी सभाओं

सरकारी कलेंडर में सोनिया की फोटो

सरकारी कलेंडर में सोनिया की फोटो

0 लिमटी खरे / 2012/02/13 11:42 am

देश की सूचना और प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने जनता के गाढ़े पसीने से संचित अरबों रूपयों को पानी में बहाने की तैयारी पुख्ता कर ली है। इस साल सूचना