ब्लॉग हलचल|Shortlink: 2010/07/29 10:30 pm

हिन्दी लिखना सीख रही हूँ ….

जनोक्ति पाठकों को दीपाली पाण्डेय का नमस्कार ! और ” ब्लॉग हलचल ” में हर बार की  तरह आपके समक्ष कुछ अंतरजाल पर नये आये चिट्ठों का लेखा – जोखा लेकर प्रस्तुत हूँ |

आज की पहली पोस्ट हरीश कुमार तेवतिया की है - कॉमनवेल्थ गेम्स को लेकर भारत की राजधानी दिल्ली में (अक्टूबर २०१० )को बड़े ही जोर शोर से बहुत ही महत्वपूर्ण और प्रशंशिय खेलो का आयोजन होने वाला हैं | तेवतिया जी ने अपने ब्लॉग के माध्यम से भारत की छवि को हमे किस तरह बेहतरीन ढंग से प्रस्तुत करना हैं और साथ ही भारतवाशियों को सन्देश देने का प्रयास किया है

दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स 2010

अगली पोस्ट रिसब चंदेल जी की हैं .. भारत में क्रिकेट को सबसे अधिक महत्व दिया जाता है परन्तु आज आई पि एल जैसे क्रिकेट लीग के शुरू होने से और देश में भ्रष्टाचार को बढावा मिल रहा हैं .खेल चाहे जो भी हो लेकिन ऐसे खेल का मतलब ही क्या रह जाता हैं जिससे हमारे ….. भारत के स्वाभिमान और गौरव का क्षति पहुचें

मेरा भारत मेरा गौरव

आज महिलाऐं जागरूक हो गयी हैं  |अनेक किस्म की दिक्कतों के बीच रहकर भी वह अपने लिए राह खुद बना रही हैं . राजनीति हो ,मीडिया हो या कोई भी क्षेत्र हर क्षेत्र में चुनौतियों का सामना कर अपने क्षेत्र में निरंतर अग्रसर हो रही हैं |

मीडिया और महिलाये

वर्त्तमान समय में हिंदी को सब लगभग सब भूल ही चुके अगर हिंदी कुछ बची है तो केवल कुछ अख़बारों , मीडिया ,व् साहित्यकारों के बीच ही सिमट कर रह गयी है | इस बात को नकार नहीं जा सकता है की अंगेरजी के कारण ही आज देश में बहुत कुछ संभव हो पाया परन्तु नयी चीजों को अपनाकर अपनी चीजों को भूलना क्या ये बात सही है|

हिन्दी लिखना सीख रही हूँ

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