भाजपा- जद(यु) गटबंध और उनके चनावी मुद्दे|

बिहार में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा-जद(यु) गटबंधन के अनेक बड़े नेता द्वारा बिहार में किये गए विकास व उसके बदलते तस्वीर पर टिप्पणी कर राजनितिक लावह उठाने में लगे हुए हैं|

भाजपा-जद(यु) गटबंध अगले चुनाव में मुख्य रूप से विकास को अपना मुददा बता रहा है। ऐसे में गटबंध द्वारा राज्य में किए गए विकास कार्यों और आए बदलावों को जनता के सामने रख कर गटबंध का साथ देने की गुहार लगा रहे है। इसके मद्देनजर गठबंधन में शामिल दोनों संगठन ने अपने बड़े नेताओं को विकाश कार्य को जनता तक पहुचने की जिमेदारी दी है|

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बिहार प्रदेश इकाई के बड़े नेता यह बताया कि सरकार अपने पिछले पांच वर्ष के कार्य को लेकर जग जनता के बीच जाएगी है। ऐसे में पिछले पांच वर्षों के दौरान बिहार के विषय में अपने-अपने क्षेत्रों में लोकप्रिय नेताओं के भासन का चुनाव प्रचार में इस्तेमाल किया जाएगा।

गटबंधन सर्कार में दलाई लामा, अमर्त्य सेन, बिल गेट्स और पूर्व राष्ट्रपति ए. पी. जे. अब्दुल कलाम द्वारा बिहार के संदरव में किये गए टिप्पणी महत्वपूर्ण   हैं। ऐसे लोगों की टिप्पणियों को पर्चे और लोकप्रिय नेता के भासन के माध्यम से लोगों तक पहुंचाया जाएगा। भाजपा अपने सहयोगी दल जनता दल (युनाइटेड) से गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रचार में आने को लेकर भले मतभेद हो परंतु इस मामले में दोनों में सहमति है।

जद (यु) के नेता भी मानते हैं कि भाजपा- जद(यु) गटबंधन मतदाताओं से पर्चे के माध्यम से अपील करेगी कि राज्य में विकास की गाड़ी पटरी पर आ गई है, यहां कानून का राज्य चलता है, ऐसे में वे भाजपा- जद(यु) गटबंध का साथ दें। दलाई लामा ने अपने बिहार दौरे पर कहा था कि वे बिहार आकर बहुत खुश हैं।

इसी तरह बिल गेट्स के उस बयान को पर्चे के माध्यम से दर्शाया गया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि यह वह बिहार नहीं है जो पहले हुआ करता था। पर्चे में अमर्त्य सेन के उस बयान का जिक्र किया गया है जिसमें उन्होंने कहा था कि बिहार में स्थिति काफी बदल गई है। पाठक के मुताबिक पर्चे सभी क्षेत्रों में बांटे जाएंगे।