22 साल के इंजीनियरिंग छात्र अजय कुमार ने बिहार पंचायत चुनाव में मुखिया के पद पर जीत हासिल कर युवा नेतृत्व और लोकतंत्र को एक नई राह दिखाई है | बिहार पंचायत चुनाव में धनबल और बाहुबल का जोर इस बार भी दिखा | सैकड़ों अनपढ़ ,भ्रष्ट और दबंग लोग जातिगत संख्याबल और पैसों के दम पर जीत कर आये हैं | एक -एक मुखिया प्रत्याशी ने 10 से 15 लाख तक खर्च किया है | ऐसे माहौल में एक पढ़े-लिखे प्रोफेशनल युवा का जनप्रतिनिधि बनना नई आस पैदा करता है | अजय कुमार की जीत युवाओं के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण है जो बदलाव चाहते हैं | अजय कुमार ने एक कथन को चरितार्थ किया है – ” राजनीति को साफ -सुथरा बनाना है तो उसमें खुद आना होगा ” |
पटना जिले के हरदासपुर पंचायत के नव निर्वाचित मुखिया अजय कुमार झारखण्ड के जमशेदपुर में एक इंजीनियरिंग कॉलेज में पढाई कर रहे हैं | अपने दादा वासुदेव राय और निवर्तमान मुखिया जगदीप राय को हराकर जीत हासिल की है |
अपनी जीत पर अजय कुमार कहते हैं ” जनता ने मेरे ऊपर अपना विश्वास जताते हुए मुझे मुखिया के रूप में चुना | मुझसे दोगुने उम्र के निवर्तमान मुखिया और मेरे दादाजी को जनप्रतिनिधि के रूप में अस्वीकार कर दिया | लोगों ने मुझे इसलिए चुना क्योंकि मैं अपने गाँव में विकास लाना चाहता हूँ | मेरे दादाजी को महज 20 वोट मिले | बुजुगों और युवाओं दोनों ने मुझे मतदान किया | मैं अपने पंचायत को बदलने की योजना बना रहा हूँ |”
बिहार के 8,500 पंचायतों में से अधिकांश की तरह हरदासपुर भी मूलभूत आवश्यकताओं जैसे बिजली ,पीने योग्य पानी ,स्वास्थ्य सुविधाएं ,सड़क और शिक्षा आदि के अभाव से ग्रस्त है |
ऐसा माना जा रहा है कि कुल 262,000 निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों में अजय कुमार सबसे कम उम्र के प्रतिनिधि हैं |
विकास को नए दृष्टिकोण और युवा नेतृत्व की जरुरत है | सालों से पिछड़ापन झेल रहे हरदासपुर पंचायत की जनता ने भी यही सोच कर महज २२ साल के प्रोफेशनल छात्र अजय कुमार को अपना मुखिया चुना | आशा है अजय कुमार जनता की उम्मीदों पर खरे उतरेंगे और उन युवाओं के लिए एक मिसाल बनेंगे जो बदलाव की बात करते हैं |

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