आरोप-प्रत्यारोप में अटका झारखण्ड
बुनियादी सुविधाओं से भी मरहूम झारखंड में किसी भी विभाग की स्थिति अच्छी नहीं है। कह सकते हैं कि अच्छी स्थिति ना तो यहां के लोग चाहते हैं और ना ही राजनेता। रह गई बात नौकरशाहों की तो उन्हें आम आदमी की बुनियादि जरूरतों से कोई खास वास्ता होता नहीं है इसलिए वे इस ओर उतना ही ध्यान देते हैं जितना उन्हें राजनेताओं द्वारा कहा जाता है। अगर वे अपना संपूर्ण दिमाग वाकई में विकास करने में लगा दें तो →आगे पढ़ें ..




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