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2012/05/10 10:59 pm
गुजरात के दंगों की जाँच हेतु सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त एवं उसके नियंत्रण व दिशा-निर्देशों के तहत कार्य करने वाली SIT की रिपोर्ट आ चुकी है। SIT ने अपनी जाँच में पाया और लिखित रूप में स्वीकार किया है कि
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2011/06/28 6:55 pm
कपिल सिब्बल कहते हैं कि “जनलोकपाल” एक “समानान्तर सत्ता व्यवस्था” बन जायेगा, जो कि लोकतन्त्र के लिए खतरा है। क्या कपिल सिब्बल सोनिया गाँधी के निजी क्लब “NAC” (नेशनल एडवायजरी काउंसिल) को भूल गये हैं, जो खुद अपने-आप में “प्रधानमंत्री
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2011/05/28 1:36 pm
सोनिया गाँधी के “निजी मनोरंजन क्लब” यानी नेशनल एडवायज़री काउंसिल (NAC) द्वारा सांप्रदायिक एवं लक्षित हिंसा विधेयक का मसौदा तैयार किया गया है जिसके प्रमुख बिन्दु इस प्रकार हैं- 1) कानून-व्यवस्था का मामला राज्य सरकार का है, लेकिन इस बिल
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2010/12/15 11:22 am
कुछ दिनों पहले एक पोस्ट में सूचना दी थी, कि भारत के कुछ सेकुलर और वामपंथी संगठनों के छँटे हुए लोग फ़िलीस्तीन के प्रति एकजुटता(?) दिखाने और इज़राइल की “अमानवीय”(?) गतिविधियों के प्रति विरोध जताने के लिये एशिया के विभिन्न
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2010/11/22 2:16 pm
जैसा कि सभी जानते हैं वामपंथी भले ही सिद्धान्तों की कितनी भी दुहाई दे लें, कितनी ही शाब्दिक लफ़्फ़ाजियाँ हाँक लें परन्तु उनका “असली रंग” गाहे-बगाहे सामने आता ही रहता है, और वह असली रंग है वोटों की खातिर मुस्लिमों
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2010/11/18 1:08 pm
सुदर्शन प्रकरण ने फ़िर से इस बात को रेखांकित किया है कि या तो संघ का अपना खुद का टीवी चैनल और विभिन्न राज्यों में 8-10 अखबार होने चाहिये, या फ़िर वर्तमान उपलब्ध मीडियाई भेड़ियों को वक्त-वक्त पर “समयानुसार कभी
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2010/11/15 1:01 pm
संघ के बुज़ुर्ग श्री सुदर्शन जी ने सोनिया के सम्बन्ध में जो वक्तव्य दिया है, उसके मद्देनज़र कांग्रेसियों द्वारा धरने-प्रदर्शन-आंदोलन-पुतले जलाओ प्रतियोगिता एवं धमकियों का दौर जारी है। कांग्रेसी वही कर रहे हैं जो पैगम्बर का कार्टून बनाने पर मुस्लिमों
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2010/11/13 7:23 pm
केरल सरकार ने केन्द्र सरकार से पिछले दिनों राजधानी त्रिवेन्द्रम के कुछ खास इलाकों में टेलर-नील्सन नामक संस्था द्वारा किये गये रहस्यमयी और अजीबोगरीब सर्वे की जाँच करवाने का आग्रह किया है। अब जैसा कि सभी जानते हैं वामपंथी और
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2010/11/11 1:34 pm
न्याय और सार्वजनिक शुचिता का सामान्य सिद्धान्त है कि सबसे ऊँचे पदों पर बैठे व्यक्तियों को ईमानदार और साफ़ छवि वाला होना चाहिये, इस दृष्टि से सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से यह अपेक्षा होती है कि वे नैतिकता और
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2010/11/08 11:18 am
एक वर्ष पहले अक्टूबर 2009 में एक पोस्ट लिखी थी, “फ़ाइव स्टार होटल की नौकरी छोड़कर बेघरों और भिखारियों को खाना खिलाता एक संत” (यहाँ क्लिक करके पढ़ें)। यह पोस्ट श्री नारायण कृष्णन के बारे में है कि वे किस