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2012/01/03 1:17 pm
जितना विरोध इस समय पूरे देश में कांग्रेस का है उसे देख कर लगता है अब ये समाप्त होने को है पर फिर भी इसके कार्यकर्ता सीना चौड़ा करके जिस प्रकार से बाजारों में, अपने प्रदर्शनों में निकलते हैं तो
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2011/12/11 10:50 pm
माँ ! सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड में शायद ही कोई हो; जो अपने बच्चों का गला अपने हाथों घौंट दे । फिर भारत में तो माँ की महिमा ही निराली है। यहाँ तो कैसी-कैसी मांएं हुयी हैं। कहते हैं अपने बच्चों को
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2011/11/25 1:40 pm
चलो कोई तो आम आदमी निकला, वर्ना कोई इस दल का कोई उस दल का जो किसी दल का नहीं वो दीखता ही नहीं लेकिन इस झापड़ से उसने अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश की है | “इसे” भ्रष्ट
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2011/11/14 10:49 pm
महंगाई को समस्या समझने वालों के लिए एक नया “चिंतन बिंदु” पेश कर रहा हूँ;विचार करने के लिए। जो लोग महंगाई को समस्या समझ कर सरकार और महंगाई को कोसते हैं उन्हें इस पर जरुर विचार करना चाहिए। और जो
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2011/11/11 2:33 pm
सौ साल में एक बार तो आ ही जाता है; इस तरह का संयोग जिसमे दिन महीना साल एक ही संख्या में होता है | 11.11.2011 | फिर इस तरह का हल्ला या इसके प्रति विशेष अनुभूति क्यों ? पिछली
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2011/10/31 5:02 pm
दोस्तो चीन आक्रमण करने वाला है, भारत भी कमजोर नहीं है, जाहिर है युद्ध लम्बा चलेगा। सीमा पर सैनिक मरेंगे, देश के अन्दर भी सैनिकों के साथ-साथ साधारण नागरिक नक्सलवादियो, आतंकवादियों द्वारा मारे भी जाते हैं तब और ज्यादा मरेंगे
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2011/10/07 1:52 pm
हम आये दिन मीडिया में देखते-सुनते हैं कि; ‘चिकित्सा विज्ञान ने नई खोज की ‘मोटापे के लिए जिम्मेदार जींस को खोजा, या केंसर कैसे पनपता है उसकी कोशिका को जान लिया, या नींद अधिक क्यों आती है, या डाईटिंग करने से मोटापे
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2011/09/21 7:40 pm
इस समय भारत में जो आन्दोलन चल रहा है भारत के स्वाभिमान के लिए;”भारत स्वाभिमान आदोलन” मुझे तो लगता है कि सम्पूर्ण बुराईयों के विरुद्ध ऐसा जन आन्दोलन आदि शंकराचार्य के बाद शायद; अब ही हो रहा है। “व्यक्ति निर्माण
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2011/09/04 7:50 pm
नहीं रुकेगा-नहीं रुकेगा- भ्रष्टाचार नहीं रुकेगा , भ्रष्ट आचरण- जिंदाबाद, जो भ्रष्टों के हित की बात करेगा- वही देश पर राज करेगा, नहीं रुकेगी-नहीं रुकेगी-रिश्वत खोरी नहीं रुकेगी, खरीद-फरोख्त न होगी तो-सरकार कैसे चलेगी।नारे लगाते हुए अगर जलूस निकालना हो
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2011/08/29 3:44 pm
देश में आज जन जाग्रति को देख कर ऐसा लग रहा है;देश वासियों ने “देश के दुश्मन” को पहचान लिया है। इस जन जागरण में जिस तरह से मीडिया ने केवल संदेश वाहक न रह कर; “आन्दोलन कारी नेतृत्व” की