Articles By: संजय कुमार

तुम, झाड़ू पोछा लगाओ, खाना हम पकवा लेंगे !

तुम, झाड़ू पोछा लगाओ, खाना हम पकवा लेंगे !

1 2010/07/22 7:21 pm

फूलवा को यकीन नहीं हो रहा था, जब उसे पंचायत के गांव में सरकारी योजना मिड-डे-मील के लिए बच्चों का खाना बनाने वाले रसोईये के तौर पर सरकारी मुलाजिम बनाया गया। फूलवा के कई पुश्त गांव व शहरों में सफाई

वैदिकी जाति जाति न भवतिः……….

वैदिकी जाति जाति न भवतिः……….

4 2010/07/19 6:50 pm

जनगणना से जात हटाओ के नारे के साथ कुछ तथाकथित बिना जात के लोगों ने उपवास और धरना दिया है। चलिये, इस जनत्रंत में सबको कुछ भी कहने-करने की आजादी और अपनी सोच को लादने का पूरा हक हैं। मैं

सवाल मीडिया के भरोसे का

सवाल मीडिया के भरोसे का

1 2010/07/03 1:49 pm

अक्सर हादसों दुर्घटनाओं के आंकड़े मीडिया में गलत आते रहते हैं। हालांकि अखबारों की मजबूरी होती है कि वे खबर को अपने सभी डाक संस्करण में समेटे और जल्दी में या यों कहें कि पहले खबर देने की आपाधापी के

दलित सवालों को दबाती मीडिया

दलित सवालों को दबाती मीडिया

1 2010/05/15 6:02 pm

आरोप है कि दलित सवालों को मीडिया ने लगभग दरकिनार सा कर दिया है। सवाल दलित मुद्दों का हो या फिर साहित्य या फिर कोई अन्य मुद्दा। इसे लेकर दलित बुद्धिजीवियों के बीच सवाल उठने लगे है कि दलित सवालों

आकाश पर मत थूको

आकाश पर मत थूको

0 2010/05/01 4:54 pm

शाम का वक्त था। समाचार पत्र ‘सत्य’ के डाक संस्करण को अंतिम रूप देने में  समाचार संपादक त्रिभुवन जी पूरे जोश खरोश से लगे थे। आम दिनों की तरह आज पेज छोड़ने को लेकर अफरा- तफरी और कोलाहल वाला माहौल

खबर छापने के बदले अखबार खरीदने पर दवाब

खबर छापने के बदले अखबार खरीदने पर दवाब

0 2010/04/21 1:07 pm

प्रख्यात पत्रकार स्व.प्रभाष जोशी ने भारतीय मीडिया द्वारा चुनाव के दौरान पैसे लेकर खबर छापने की परिपाटी के खिलाफ जो मुहिम छेड़ी थी, उसकी गुंज संसद और चुनाव आयोग में सुनाई दी है। पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान देशभर में

अश्लीलता का मायाजाल

अश्लीलता का मायाजाल

2 2010/04/07 6:01 pm

प्रख्यात पत्रकार प्रभाष जोषी ने आहत हो कर इलैक्ट्रोनिक मीडिया के सनसनी और अश्लीलता फैलाने के सवाल पर कहा था कि अगर तुम राखी का स्वयंवर दिखाओगे तो तुम्हें सुहागरात और प्रसव भी दिखाना पड़ेगा…। हुआ भी वही। रियलिटी शो वालो ने

मीडिया में नियुक्ति का सच

मीडिया में नियुक्ति का सच

3 2010/03/12 12:44 pm

देश दुनिया की खबरों को मीडिया अनोखे अंदाज में लोगों के सामने लाने की दिशा में रोजाना कुछ न कुछ नया करके रिझाने की फिराक में रहता है। राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक पहलूओं सहित हर आम खास पहलू को खबर

हाईप्रोफाइल कब्जे में मीडिया

2 2010/02/26 10:03 am

मीडिया ने जेसिका लाल, प्रियदर्शनी मट्टू, नीतीश कटारा मामले में न्याय दिलाने में जबरदस्त भूमिका अदा की और अब रुचिका-राठौर मामले को जिस तरह से उजागर किया है वह प्रयास अपने आप में सराहनीय है। यकीनन न्याय दिलाने की दिशा

सेक्स / यौन सर्वेक्षण के बहाने

सेक्स / यौन सर्वेक्षण के बहाने

6 2010/02/18 10:06 pm

बाजारवाद के आगे आज सब कुछ गौण हो चुका है। आमखास इसकी गिरफ्त में हैं। मीडिया भी इससे अछूता नहीं। अपने को बाजार में बनाए रखने के लिए मीडिया बाजारवाद के झंडातले खड़ा हो कर हां में हां मिलाता मिलता