देखिये चोरबाजारी का आलम
1हद हो गयी है अब तो ………..शिक्षा के नाम पर हो रहे व्यापार ने क्या हाल कर रखा है कि बच्चे अपने को असहाय महसूस करने लगते हैं कि अब हमारा क्या होगा ? कैसे कोर्स पूरा करें और कहाँ
हद हो गयी है अब तो ………..शिक्षा के नाम पर हो रहे व्यापार ने क्या हाल कर रखा है कि बच्चे अपने को असहाय महसूस करने लगते हैं कि अब हमारा क्या होगा ? कैसे कोर्स पूरा करें और कहाँ
आज जनता ने शोर तो बहुत मचाया हुआ है कि हमारे साथ न्याय नहीं हो रहा मगर कभी अपने गिरेबान में झांक कर नहीं देखा कि उसके लिए जिम्मेदार कौन है? एक बार अपने गिरेबान में झांक कर देखे तो
वो तो रोज दीवाली मनायेंगे कसाब के जन्मदिन मनायेंगे सिर्फ़ देशवासी ही बेमौत मारे जायेंगे आखिर दामाद बनाया है तो कीमत तो चुकानी होगी क्या हुआ जो ओबामा ने दूसरे के घर जाकर वार किया हम उनका अनुसरण तो करते
आज सबके अपने अपने विचार हैं सब अपनी अपनी तरह से संवेदनाये प्रकट कर रहे हैं और अपना क्रोध भी व्यक्त कर रहे हैं और करें भी क्यों ना आखिर हर संवेदनशील व्यक्ति ऐसा ही करेगा या कहिये हर आम
कसाब आतंकी या मेहमान……….. आज ये भी कोई पूछने वाली बात रह गयी क्या…….वो तो मेहमान है और वो भी ऐसा वैसा नहीं अगर कोई दामाद से भी बढाकर शख्सियत होती हो तो वो है ………आखिर देश के गद्दार एक
केरल में 18 वीं सदी में बने पद्मनाभास्वामी मंदिर के तहखाने से निकला एक टन सोना, 50000 करोड़ का खजाना बड़ी मात्र में हीरे जवाहरात , 7 फुट लम्बी सोने कि चैन, हजारों साल पुराने सोने के सिक्के और ना
हमने धार्मिकता सिर्फ ओढ़ी हुई है मगर अपनाई नहीं है . अगर अपनाई होती तो आज ये हालत ना होती ………..आज आप देखिये हमारे देवी – देवता और बड़े- बड़े साधू संतों की तस्वीरें और मूर्तियाँ कैसे जमीन में धूल