क़यामत आने वाली है
0उफ़ … ये गरमी , आग उगलता सूरज रोज़ बढता पारा और मुश्किल होता जीना घर से बाहर जाए तो जाए कैसे । अभी कुछ दिन पहले की ही तो बात थी जब कडकडाती ठण्ड ने हमे घर के अन्दर
उफ़ … ये गरमी , आग उगलता सूरज रोज़ बढता पारा और मुश्किल होता जीना घर से बाहर जाए तो जाए कैसे । अभी कुछ दिन पहले की ही तो बात थी जब कडकडाती ठण्ड ने हमे घर के अन्दर
सभी महिलाए आजकल बड़ी खुश नज़र आती है कि बर्षो से चल रही जंग आखिरकार सफल हो गई और देश की आधी आबादी अब संसद में भी बराबरी से नज़र आएगी। सभी पार्टियों ने खुल के इसका स्वागत भी किया ।