Articles By: प्रभात कुमार रॉय

राष्ट्रपति का चयन हो चुनाव नहीं

राष्ट्रपति का चयन हो चुनाव नहीं

0 2012/05/11 12:35 pm

भारत के लिए नए राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति का चुनाव करने की गहमागहमी का सियासी हल्कों में आग़ाज हो चुका है। भाजपा नेता सुषमा स्वराज ने पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अबुल कलाम का राष्ट्र के संभावित राष्ट्रपति के तौर नाम क्या लिया

समुचित विकास मे निहित है नक्सलवाद का निदान

समुचित विकास मे निहित है नक्सलवाद का निदान

0 2012/05/04 10:07 am

प्रभात कुमार रॉय भारत में नक्सल समस्या की दुरुह जटिलताएं दिनों दिन बढ़ती जा रही हैं। बंदूकों और बमों के बल पर समाजवादी व्यवस्था स्थापित करने की कोशिश करने वाले नक्सल विद्रोहियों को विगत 45 वर्षो में दंडकारण्य इलाके के

चीन की प्रबल जंगजू चुनौतियां

चीन की प्रबल जंगजू चुनौतियां

0 2012/04/30 11:44 am

प्रभात कुमार रॉय पाँच हजार किलोमीटर की दूरी तक दागी जा सकने वाली इंटर काँटिनेन्टल ब्लास्टिक मिसाइल अग्नि-5 का भारत ने कामयाब परीक्षण अंजाम दिया। मिसाइल अग्नि-5 के कामयाब परीक्षण के तत्पश्चात बृहस्पतिवार दिनाँक 19 अप्रैल 2012 को भारत ने

अर्थव्यवस्था में मंदी-जिम्मेदार कौन ?

अर्थव्यवस्था में मंदी-जिम्मेदार कौन ?

1 2011/12/30 7:53 pm

जिस तथ्य की चर्चा अभी कुछ माह पू्र्व दबी जबान से राजसत्ता के गलियारों में की जाती थी कि मंदी के दौर से भारत भी बच नहीं सकेगा, वो तथ्य नग्न रुप में अब खुलकर राष्ट्र के समक्ष आ गया।

सुप्रीम कोर्ट की शानदार पहल

0 2011/09/15 9:34 pm

प्रभात कुमार रॉय अकूत काली दौलत के विकट सवाल पर सुप्रीमकोर्ट ने उल्लेखनीय एवं शानदार न्यायिक सक्रियता का उद्धरण पेश करके वस्तुतः इतिहास रच दिया, जबकि राष्ट्र की काली दौलत की खोजबीन करने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्पेशल इनवैस्टिगेशन

अन्ना का संग्राम और हम नादान

अन्ना का संग्राम और हम नादान

3 2011/08/16 7:31 pm

भारतवर्ष की एक प्राचीन कहावत है कि सूरज पर थूकने वालो के थूक खुद उनके ही मुंह पर आ गिरा करते हैं। भारत के सामाजिक-साँस्कृतिक आकाश पर बरसों पहले एक सूरज उदित हुआ था, जिसका नाम है अन्ना हजारे। यह

आजादी और आवाम

1 2011/08/16 3:27 am

15 अगस्त 1947 से प्रत्येक वर्ष भारत एक राष्ट्र के रुप में जोशो खरोश से आजादी का शानदार जश्न मनाता आया। देश के सभी प्रधानमंत्री लालकिले की प्रखर प्राचीर से देश के लिए तक़रीरे करते रहे। लालकिले के प्रागंण में

ओसामा बिन लादेन की हलाक़त के अंजामात

ओसामा बिन लादेन की हलाक़त के अंजामात

0 2011/05/17 10:59 pm

ओसामा बिन लादेन की हलाकत से अलकायदा के मॉरल पर तो प्रभाव पड़ेगा किंतु भौतिक शक्ति पर अधिक असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि जहरीली जेहादी विचारधारा ने विश्व भर में अनेकों अनेक ओसामा बिन लादेन उत्पन्न कर दिए हैं। बेहद दरकार है कि जहरीली जेहादी विचारधारा से भी मुसलसल जंग की जाए।

न्‍याय व्‍यवस्‍था की दरकती रगें

न्‍याय व्‍यवस्‍था की दरकती रगें

1 2011/02/08 11:13 pm

हमारे वतन को भयावह घिनौने अपराधों ने सबसे अधिक खोखला और बरबाद किया है। देश में अपराधों के अनेक आयाम रहे हैं। एक तरफ ऐसे अपराध हैं, जिन्‍हे प्राय: कत्‍ल, ड‍कैती, लूट, चोरी, ठगी, तस्‍करी, आतंकवाद, बालात्‍कार, व्‍याभिचार इत्‍यादि के

भारतीय गणतंत्र के साठ वर्ष

भारतीय गणतंत्र के साठ वर्ष

0 2011/01/27 2:56 pm

26 जनवरी 2011 को भारतीय गणतंत्र ने अपने 60 वर्ष पूरे कर लिए और अपनी 61 वीं वर्षगाँठ का जश्न भी मना लिया। भारतीय गणतंत्र की सबसे महान उपलब्धि रही है कि देश में उठे समस्त झंझावातों के मध्य इसने