महिलाओं को लेकर सोच नहीं बदली है
0_आज समाज कितना ही आधुनिक क्यों न हो गया हो | पर महिलाओं को लेकर उनकी सोच में जरा भी बदलाव देखने को नहीं मिला हैं | एक लड़का यदि अपने घर से बाहर निकलता हैं तो उसके लिए समाज
_आज समाज कितना ही आधुनिक क्यों न हो गया हो | पर महिलाओं को लेकर उनकी सोच में जरा भी बदलाव देखने को नहीं मिला हैं | एक लड़का यदि अपने घर से बाहर निकलता हैं तो उसके लिए समाज
सरकार ने नया भूमि अधिग्रहण बिल तैयार कर लिया है | ड्राफ्ट में साफ कहा गया है कि भूमि अधिग्रहण का अधिकार निजी कंपनियों को नहीं होगा। भट्टा पारसौल और अब नोएडा एक्सटेंशन में मचे बवाल के मद्देनजर ड्राफ्ट में
ऐसा लग रहा जैसे विरोध में जूता चलाना एक नया चलन बनता जा रहा है | जूते मारने का प्रचलन बाबर के समय से चलता आ रहा हैं | जंग के मैदान में तंबूं गड़े हुए थे। शाम होने की
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नो वन किल्ड जेस्सिका आज से 7 जनवरी को पर्दे पर नजर आएँगी |राज कुमार गुप्ता के निर्देशन में बनी ये फिल्म को लोगो ने काफी सराहा , ये फिल्म मूलत :११ साल पुराने चरित्र जेसिका लाल हत्याकांड पर आधारित
निर्मला और मुआवज़े नाटक की सफलता के बाद अदिति महाविद्यालय प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी श्री राम सेंटर में नाटक प्रस्तुत करने जा रहा है | एक नाटक….जहाँ एक और निर्मला प्रेमचंद द्वारा लिखी सामाजिक कुरीतियों पर आधारित
ब्लॉग हलचल चर्चा की इस कड़ी में दीपाली पाण्डेय का नमस्कार, आज मनुष्य अत्यंत व्यस्त हो चूका है उसके पास अपनों के लिए समय ही नहीं रह गया है या ,यों कहिये की वह अपने लिए भी जीवन जीना भूल
चुनाव आयोग ने इस बार बिहार विधानसभा चुनाव को बाहुबलियों से दूर रखने की अपील की ,चुनाव आयोग की इस टिपण्णी के बाद स्वयंसेवी संगठनों ने राजनीतिक दलों पर दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया है। चुनाव को निष्पक्ष बनाने के
भारत के प्रत्येक नागरिक को प्राथमिक शिक्षा पाने का अधिकार है। शिक्षा के कारण ही बच्चा परिपक्व ,वैचारिक ,कल्पनाशील ,वैचारिक रूप से स्वंतंत्र बनता है | लेकिन भारत की शिक्षा पद्धति अपने इस उद्देश्य को साकार करने में असफल रही
देश भर में नारी उत्थान (महिला अधिकार) की बात बड़े ही जोर-शोर से उठाई जा रही है लेकिन देश की अधिकाँश महिलाओं को सही मायनों में उनके मौलिक अधिकारों अथवा संवैधानिक अधिकारों की जानकारी ना के बराबर है | आइये