Articles By: निर्भय जैन

हिंदू हिन्दी हिंदुस्तान

2 2009/09/22 9:00 pm

हिंदू हिन्दी हिंदुस्तान
क्या है भारत की पहचान
पहले राज किया अंग्रेजों ने
अब अंग्रेजी के है गुलाम
देश की आजादी की खातिर

जिन्ना का जिन्न

1 2009/09/16 9:34 am

जिन्ना के जिन्न ने फ़िर किया कला जादू
पार्टी नेता आडवाणी के बाद जसवंत भी हो गए बेकाबू
जिन्ना का जिन्न बड़ा निराला है
पहले किए देश के टुकड़े अब बीज फूट का डाला है

राष्ट्रकविश्री मैथिलीशरण गुप्त के प्रति श्रद्धा सुमन

0 2009/08/19 7:50 pm

प्राण न पागल हो तुम यों, पृथ्वी पर वह प्रेम कहाँ.. मोहमयी छलना भर है, भटको न अहो अब और यहाँ.. ऊपर को निरखो अब तो बस मिलता है चिरमेल वहाँ.. स्वर्ग वहीं, अपवर्ग वहीं, सुखसर्ग वहीं, निजवर्ग जहाँ.. आप

एक गीत : हर बार समर्पण करता हूँ….

6 2009/07/31 1:44 pm

हर बार समर्पण करता हूँ हर बार गया ठुकराया हूँ अधखुली उनींदी पलकों पर इक मधुर मिलन की आस रही दो अधरों पर तिरते सपने चिर अन्तर्मन की प्यास रहीहर बार याचना सावन की हर बार अवर्षण पाया हूँ तेरे

भारत प्यारा देश हमारा

5 2009/07/29 12:40 pm

भारत प्यारा देश हमारासब देशों में सबसे न्याराहम सबका बस एक ही नाराविजयी विश्व तिरंगा प्याराभारत प्यारा… ………. रहे सलामत गणतंत्र हमाराबजे हमेशा लोकतंत्र का नगाराकितना सुंदर कितना प्याराइससे से तो हर दुश्मन हाराभारत प्यारा… ………. ये बेचारा देश हमारानेताऒ

महंगाई से राहत नहीं

4 2009/07/29 12:39 am

आम आदमी को महंगाई से कोई राहत मिल पाएगी इसकी तो दूर-दूर तक संभावना दिखाई नहीं देती। रिजर्व बैंक ने भी अपनी मौद्रिक समीक्षा रिपोर्ट में कहा है कि महंगाई चार से पांच प्रतिशत तक बढ़ सकती है। हालांकि वित्तमंत्री

अब तो फांसी देदो जनाब

3 2009/07/26 5:51 pm

हां मैंने ही बरसाई मौतचुप्पी तोड़ बोला कसाबक़बूल कर लिया अपना गुनाहअब तो फांसी देदो जनाब बहुत खेल लिया मौत का खेलअब नहीं रहना मुझको जेलऊपर जाकर देना है खुदा कोअपने कर्मो का हिसाबअब तो फांसी देदो जनाबअब मुझसे सहन