Articles By: उमेश पंत

जामिया में सैकड़ों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ , MCRC  के छात्र अनशन पर

जामिया में सैकड़ों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ , MCRC के छात्र अनशन पर

0 2011/05/08 1:19 pm

जामिया में छात्रसंघ जैसी कोई संस्था भी नहीं है, जो छात्रों के हित की बात प्रभावशाली तरीके से कर सके। ऐसे में वहां का एडमिनिस्‍ट्रेशन छात्रों पर जबरन अपने फैसले बड़ी आसानी और क्रूरता से थोप देता है। एमसीआरसी का

नौनलीनियर स्टाईल फिल्म है ‘ये साली जिंदगी’ |

नौनलीनियर स्टाईल फिल्म है ‘ये साली जिंदगी’ |

0 2011/02/16 6:09 pm

इन्टयूशन था कि साली अच्छी होगी। कई इन्टयूशन सच निकलते हैं। इस बार यही हुआ। ये साली जिन्दगी कुलमिलाकर एक अच्छी भली फिल्म थी। इसे देखते हुए ऐसा नहीं लगा कि कुछ रेगुलर देख रहे हैं। गन थी। धांय धांय

‘ द होली वाईव्स ‘ ,धर्म के नाम पर

‘ द होली वाईव्स ‘ ,धर्म के नाम पर

0 2010/09/30 8:02 am

हाल ही में रितेश शर्मा की एक डाक्यूमेंट्री फिल्म दिल्ली में प्रदर्शित की गई जिसमें देवदासी प्रथा जैसी ऐसी कुरीति पर सवाल उठाये गये जिसपर मेनस्ट्रीम मीडिया में आजकल मुश्किल से कोई बहस हो रही है। द होली वाईव्स नाम

सपनों का सिनेमा

सपनों का सिनेमा

0 2010/05/08 8:50 pm

अक्सर इंसान सपने देखता है , कल्पनाओं में उनको जीता है और जब तन्द्रा टूटती हैं तो सोचने लगता है कि जो हमने देखा उसका अर्थ आंखिर था क्या ? अधिकांश सपनों को वो यूँ ही भुला देता हैं ,

कभी बाघ भी हुआ करते थे !

कभी बाघ भी हुआ करते थे !

1 2010/02/19 9:29 am

बाघ अब नहीं जीते। सब कुछ ऐसे ही चलता रहा तो 2015 तक ये चर्चा हम आप कर रहे होंगे। ऐसा वन्य जीव विशेषज्ञों का मानना है। आज कौन मानेगा कि सौ साल पहले अपने देश में लाख की तादात

ब्लूलाइन के बाद अब डीटीसी का कहर

ब्लूलाइन के बाद अब डीटीसी का कहर

1 2009/11/06 5:46 pm

दिल्ली की बसों में एक और बड़ा दर्दनाक वाकया हुआ। बड़े अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है कि इस हादसे में 3 रुपये की टिकट नहीं रही । दिल्ली में बसों के किराये बढ़ गये। पांच का टिकट दस

सुपरमैन आफ मालेगांव ( superman of malegaon )

सुपरमैन आफ मालेगांव ( superman of malegaon )

0 2009/10/24 8:05 am

वे फैज नहीं हैं फैजा हैं इसलिए उनका अंदाजे बयां अलहदा है। फैज शब्दों से अपनी बात कहते थे फैजा ने वृत्तचित्र के जरिये कही। और जो कही कमाल कही। किसी कविता सी दिल में उतर गई चित्रों के कई वृत्त

त्रयम्बकेश्वर जाने के बाद….

त्रयम्बकेश्वर जाने के बाद….

0 2009/10/20 4:29 pm

इस बार त्रयम्बकेश्वर जाना हुआ। लगा कि भक्ति और आस्था ये ऐसे शब्द हैं जिनका कट्टरवाद से कोई लेना देना नहीं है। महाराष्ट्र में नासिक के पास एक छोटा सा कस्बा है त्रयम्बकेश्वर जिसका अस्तित्व अगर है तो उसके पीछे

पाताल भुवनेश्वर- रहस्यों को खुद में समेटे एक शिल्प

पाताल भुवनेश्वर- रहस्यों को खुद में समेटे एक शिल्प

1 2009/10/15 11:58 am

    उत्तराखण्ड की पहाड़ी वादियों के बीच बसे सीमान्त कस्बे गंगोलीहाट की पाताल भुवनेश्वर गुफा किसी आश्चर्य से कम नही है। यहां पत्थरों से बना एक. एक शिल्प तमाम रहस्यों को खुद में समेटे हुए है। मुख्य द्वार से

यमुना किनारे विचरने के बहाने

यमुना किनारे विचरने के बहाने

0 2009/10/12 4:14 pm

     नदियां हमेशा उस जगह को एक संस्कृति देती हैं जहां वो बह रही होती हैं। नदियों के साथ एक पूरा जीवन और उस जीवन के बरक्स लोगों की दैनिक जीवनचर्या भी नदियों से जुड़ जाती है। चाहे वो