Articles By: सौरभ मालवीय सौरभ मालवीय

‘‘श्रद्धा भाव है श्राद्ध’’

‘‘श्रद्धा भाव है श्राद्ध’’

1 2011/09/25 12:43 am

‘‘श्रद्धा भाव है श्राद्ध’’| पितर हमारे किसी भी कार्य में अदृश्य रूप से सहायक की भूमिका अदा करते। क्योंकि अन्ततः हम उन्हीं के तो वंशज हैं। ज्योतिष विज्ञान की मान्यता के अनुसार वे हमारे सभी गतिविधियों पर अपनी अतिन्द्रीय सामर्थ