अपराधियों की भी पहली पसंद हैं नीतीश बाबू …
2वर्ष 2005 में जब नीतीश कुमार ने बिहार के सत्ता में कदम रखा तो ऐसा लगा जैसे बिहार में सब कुछ बदल जायेगा , 15 सालों से त्रस्त जनता ने नीतिश कुमार पर विश्ववास किया | जनता को भरोसा था
वर्ष 2005 में जब नीतीश कुमार ने बिहार के सत्ता में कदम रखा तो ऐसा लगा जैसे बिहार में सब कुछ बदल जायेगा , 15 सालों से त्रस्त जनता ने नीतिश कुमार पर विश्ववास किया | जनता को भरोसा था
2G स्पेक्ट्रम घोटाले सुब्रमण्यम स्वामी और प्रशांत भूषण की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से राष्ट्रीय राजनीति में सुनामी आ गयी है | नीचे पढ़िए अदालत के निर्णय पर किसने क्या कहा ? सर्वोच्च न्यायालय का फैसला सरकार के
यूपी चुनाव में चल रहे जुबानी जंग ने वर्तमान राजनीति को पूरी तरह नंगा कर दिया है | साल के सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री का ख़िताब पा चुके नीतीश कुमार जैसे नेता भी दिग्विजय स्टाइल में हवाई तीर छोड़ते नजर आ रहे
देश में मँहगाई बढ रही है , लोगों का जीना मुश्किल हो गया है , इस तरह की उक्ति हम आये दिन सुनते रहते है | संसद के हर सत्र में इस मुद्दे पर गतिरोध बना रहता है | राजनैतिक
चंद सिक्कों के लोभ में लुप्त होती संस्कृति के साथ खिलवाड करना और इंसानों के साथ पशुवत व्यवहार करने का अनैतिक धंधा आजकल अंडमान द्वीप में बड़ी तेज़ी से फल – फुल रहा है , एक तरफ जहां देश में
माया और हाथी को ढंकने का काम पूरा , 1 करोड खर्च का अनुमान चुनाव आयोग के आदेश पर मायावती की ओर से लगाई गई मूर्तियों को ढंकने के काम जनता का पैसा पानी की तरह बहाया जा रहा है।
भारत में कृषि की प्रधानता को इस नजरिये से देखा जा सकता है कि यहाँ की लगभग 68 फीसदी आबादी कृषि आधारित संरचना पर निर्भर रहती है , पेट भरने से लेकर रहने सहने तक पर कृषि में निर्भर भारतीयों
बदलते दौर में बिहार जहाँ विकास में अपने कदम मजबूत करने में जुटा है , बिहार में हरेक सेक्टर में जहाँ विकास की गति बढती दिखाई दे रही है , ऐसे में अछूता है तो सिर्फ पर्यटन सेक्टर , हालांकि
भारत को आजाद हुये ६५ साल हो चुके हैं , यह कोई बताने वाली बात नही है क्योंकि हर वर्ष १५ अगस्त को इसकी याद दिलायी जाती है , पर भारत की स्वतंत्रता वास्तव में यहाँ रहने वाले सारे लोगो
Drishti Creative ग्रुप ने लगाई सांसदों के किताबों की प्रदर्शनी | मीडिया और राजनीति के हालत पर हुई जोरदार बहस | आकर्षक नारों /स्लोगन के माध्यम से जागरूकता का प्रयास | कांस्टिट्युशन क्लब ,नई दिल्ली में दृष्टि क्रिएटिव ने