Articles By: महेश बारमाटे

सांप्रदायिक हिंसा बिल के मसौदे में सुधार हो !

सांप्रदायिक हिंसा बिल के मसौदे में सुधार हो !

2 2011/05/31 9:08 pm

मैंने नेशनल एडवायज़री काउंसिल (NAC) के द्वारा तैयार मसौदे के प्रमुख बिन्दुओं को पढ़ा और फिर सोचा कि इन बिन्दुओं को सुधार की आवश्यकता है, तो मैं आपको अपने विचार बताना चाहूँगा कि – नेशनल एडवायज़री काउंसिल (NAC) द्वारा तैयार

महेश हूँ मैं…

महेश हूँ मैं…

1 2011/01/02 6:32 pm

महेश हूँ मैं… कुछ ख़ास नहीं, कोई खूबी मेरे पास नहीं, फिर भी खुद में ही विशेष हूँ मैं , हाँ, वही सीधा – साधा इंसान महेश हूँ मैं… मुझमे है बस यही एक खूबी… के मेरी दुनिया तो है

वो कौन था…?

वो कौन था…?

0 2011/01/01 8:23 pm

वो कौन था, जो हर मुलाकात में रहा मौन था? आज फिर हुई उससे मुलाकात ऐसी, के लगा आज अमावस भी खिली हो चांदनी रात जैसी… सोचा के लबों पे आज तो कोई बात आएगी, और बातों – बातों में

वो चाँद सा मुखड़ा…

वो चाँद सा मुखड़ा…

9 2010/12/19 7:40 pm

वो प्यारा सा मुखड़ा, जैसे चाँद का टुकड़ा… आँखों में नींदें भरा, अपने “Bag” को सिरहाना बना… सो रही है वो, यूँ नींद की आगोश में, जैसे डूबी हो वो, किसी गहरी सोच में… शायद कोई सपना, उसकी आँखों में

ऐतबार

ऐतबार

4 2010/12/18 8:04 pm

अपनी ही परछाइयों से डरने लगा हूँ मैं… के जब से तुझसे प्यार करने लगा हूँ मैं… अन्जान है तू आज भी मेरे हाले – दिल से… इस बात का कोई गम नहीं मुझे, बस अब तो तेरे एहसास से भी डरने लगा

वादा

वादा

2 2010/12/17 8:21 pm

तन्हा ही आए थे, तन्हा ही जायेंगे, इक मुलाकात का किया था जो वादा हमने, मरने से पहले वो हर वादा निभा जायेंगे… तुम इंतज़ार न करना हमारा, हम मिलने जरूर आयेंगे… देखे थे ख्वाब हमारी मुलाकात के जो तुमने,

बेवफा

बेवफा

2 2010/10/25 8:57 pm

बेवफा “एकता, जो कल तक तक आकाश के साथ अक्सर दिखाई देती थी, आज वह बिल्कुल अकेली और उदास नज़र आती है. कारण भी तो बहुत ख़ास और दुखद है, कुछ दिनों पहले आकाश की  एक सड़क दुर्घटना में मौत हो

सबक… प्यार का…

सबक… प्यार का…

2 2010/10/09 4:31 am

किसी को सुकून मिलता है, किसी का गम उजागर होता है… ज़िन्दगी के इन तन्हा रास्तों में जब कोई पराया, प्यार का सागर बन के उतरता है… एक पल में ही वो पराया, अपनों से भी प्यारा हो जाता है…

भोपाल गैस त्रासदी : क्या अमेरिका से डर गया भारत?

भोपाल गैस त्रासदी : क्या अमेरिका से डर गया भारत?

2 2010/06/25 9:56 am

महेश बारमाटे माना कि कांग्रेस सरकार १५००० करोड़ का मुआवजा दे कर भोपाल गैस त्रासदी से पीड़ित लोगों का भला कर रही है.. पर क्या सिर्फ रुपये दे कर उन लोगों का दुःख बांटा जा सकता है जो आज तक

दलदल

0 2010/02/10 10:09 am

हर देश हर शहर में एक ऐसा दलदल होता है, जहां लोगों की रातें रंगीन करने वाला हर शख्श कमल होता है. ये वो दलदल है, जहाँ न कोई न कोई गुलाब होता है. पर एक बार के लिए ही