सिब्बल का ह्रदय परिवर्तन !
0| लिमटी खरे,नई दिल्ली (साई) । अण्णा और बाबा से सिब्बल का गुप्त समझौता ! अहंकारी, घमंडी छवि वाले केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री कपिल सिब्बल इन दिनों खासे नरम दिखाई पड़ रहे हैं। उनके व्यवहार के कारण कांग्रेस में ही
| लिमटी खरे,नई दिल्ली (साई) । अण्णा और बाबा से सिब्बल का गुप्त समझौता ! अहंकारी, घमंडी छवि वाले केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री कपिल सिब्बल इन दिनों खासे नरम दिखाई पड़ रहे हैं। उनके व्यवहार के कारण कांग्रेस में ही
लिमटी खरे,नई दिल्ली (साई)। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी में इस समय एक धूमकेतू का उदय हुआ है, जिसकी चमक के आगे बाकी के सारे तारे सितारों की चमक फीकी पड़ती दिख रही है। देश के हृदय प्रदेश में चुनावों से
सुमित माहेश्वरी ,नई दिल्ली (साई) अभी हाल के दिनों में निर्मल बाबा अचानक चर्चा में आये हैं। उनके ऊपर मुख्य आरोप यह है कि वे धर्म के नाम पर अंधश्रद्धा फैला रहे हैं और पैसा कमा रहे हैं। लेकिन निर्मल
शरद खरे |नई दिल्ली । देश के पहले नागरिक के लिए 2007 में जहां पहली महिला श्रीमति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल को रायसीना हिल्स तक पहुंचाया गया था, वहीं अब इस पद के लिए देश के आदिवासियों में से किसी
दीपक अग्रवाल / नई दिल्ली | रूपहले पर्दे की दुनिया में जाने पहचाने नाम कपूर खानदान की चार पीढ़ियों के साथ काम करने वाली मशहूर अदाकारा जोहरा सहगल सौ साल की हो गईं हैं। पदमश्री और पदम विभूषण से सम्मनित
दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमति शीला दीक्षित और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निजाम जे.पी.अग्रवाल के बीच लंबे समय से चल रहा शीत युद्ध नगर निगम चुनावों के एन पहले विस्फोटक दौर में पहुंचा जिससे संगठन मृत प्राय हो गया और कांग्रेस
कांग्रेस से टूटकर अलग हुंईं ममता बनर्जी इस समय पूरी दादा गिरी पर आमदा हैं। कांग्रेसनीत केंद्र सरकार और अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा ममता बनर्जी की नैतिक और अनैतिक मांगों के सामने नतमस्तक होना आश्चर्यजनक ही माना जा रहा
कल तक राहुल गांधी के अघोषित द्रोणाचार्य की भूमिका निभाने वाले कांग्रेस के महासचिव राजा दिग्विजय सिंह का शनि भारी होता दिख रहा है। राहुल के दरबार में अब दिग्गी राजा को ज्यादा भाव नहीं मिल रहा है। राहुल गांधी
(धीरज भारद्वाज) नई दिल्ली (साई)। निर्मल दरबार लगा कर लोगों की हर समस्या का आसान समाधान बताने वाले निर्मल बाबा को हर रोज चढ़ावे के तौर पर कितने पैसे मिलते हैं? हर दिन टीवी पर दिख कर दर्शकों और लोगों
सोने की चिड़िया था भारत, मुगल फिर ब्रितानी हमलों के बाद इसके परपुद्दे (पंख वगैरा) ही उड़ गए। आजादी के बाद ना जाने कितने स्वदेशी आक्रांताओं ने देश को लूटना आरंभ किया। राजनेता और पूंजीपतियों ने देश की गरीब जनता