Articles By: कुन्दन पाण्डेय कुन्दन पाण्डेय

आरक्षण : नौ दिन चले अढ़ाई कोस पीछे

आरक्षण : नौ दिन चले अढ़ाई कोस पीछे

0 2012/05/10 9:33 pm

आप चौंकिए मत !  हम 6 दशकों से आरक्षण पथ पर चल तो रहे है, लेकिन आगे की तरफ नहीं बल्कि पीछे की तरफ। प्रमोशन में आरक्षण को खत्म करने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के लखनऊ पीठ के फैसले पर सुप्रीम

कश्मीर पर वार्ता का औचित्य

कश्मीर पर वार्ता का औचित्य

0 2012/04/21 7:33 pm

अमेरिकी समाचार पत्र वॉल स्ट्रीट जर्नल को दिए इंटरव्यू में भारत के विदेश सचिव रंजन मथाई ने कहा कि भारत पाक के साथ शांति वार्ता के तहत कश्मीर मुद्दे पर भी बातचीत करना चाहता है, लेकिन पाकिस्तान आतंकी संगठनों पर

‘वेतन फर्स्ट, वतन लास्ट’

‘वेतन फर्स्ट, वतन लास्ट’

0 2012/04/07 12:02 pm

पण्डित दीनदयाल उपाध्याय का एक कथन है कि “राजनीतिज्ञों को नेशन फर्स्ट, पार्टी नेक्स्ट, सेल्फ लास्ट” के उदात्त आदर्श को ध्यान में रखकर राष्ट्र सेवा की राजनीति करनी चाहिये, परन्तु लगभग हर सत्र में असंसदीय भाषा (मारपीट, तोडफोड, माइक, टेबल,

दुर्गा के युवराज यूपी से भी ‘बेघर’

दुर्गा के युवराज यूपी से भी ‘बेघर’

1 2012/03/07 9:23 pm

लोहिया ने कभी इंदिरा गांधी को ‘गूंगी गुड़िया’ कहा था। कवि हृदय पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने 1971 युद्ध-विजय से हर्षित संसद में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को ‘दुर्गा का अवतार’ कहा। लेकिन उसी दुर्गा के ‘राहु की वक्र-दृष्टि

खाक में मिलने को मचलता पाक

खाक में मिलने को मचलता पाक

0 2012/01/19 11:01 am

पाक में मेमोगेट विवाद से दिन-ब-दिन सेना, लोकतंत्र की मुश्कें कसता जा रहा है। रक्षा सचिव लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) खालिद नईम लोदी को सरकार से अनुमति लिए बिना मेमोगेट मामले में सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल करने पर 11 जनवरी

अर्थसत्ता में टूटा अमेरिका का गुरुर

अर्थसत्ता में टूटा अमेरिका का गुरुर

0 2011/10/01 12:02 pm

अमेरिका में 95 वर्षों के बाद शीर्ष वैश्विक क्रेडिट रेटिंग संस्था ‘स्टैंडर्ड एण्ड पुअर’ (एस एण्ड पी) ने अमेरिका की क्रेडिट (साख) रेटिंग ‘एएए’ से घटाकर ‘एए प्लस’ करके अमेरिकी गुरूर को तोड़ दिया। परन्तु इसका जिम्मेदार अमेरिका ही ज्यादा है, एस

वृद्धाश्रम, श्राद्ध की संस्कृति को मरणामंत्रण

वृद्धाश्रम, श्राद्ध की संस्कृति को मरणामंत्रण

0 2011/09/24 9:57 pm

वृद्धाश्रम, श्राद्ध की संस्कृति को मरणामंत्रण श्राद्ध का अर्थ होता है, श्रद्धा से जो कुछ दिया जाय। किन्तु आज-कल श्राद्ध का अर्थ है पितरों के उद्देश्य से पिण्डदानादि की क्रिया। अपने भारतीय पंचांग के आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की