Articles By: कुमारेन्द्र कुमारेन्द्र

प्रतिबन्ध का विरोध हो पर अपनी सार्थकता भी तय हो

प्रतिबन्ध का विरोध हो पर अपनी सार्थकता भी तय हो

0 2011/12/08 9:13 pm

सरकार की और आम आदमी की आपस में स्थिति इस प्रकार की हो गई है कि दोनों में से कोई कुछ भी कहे, कुछ भी करे दूसरे पक्ष को विरोध करना ही करना है। अभी कपिल सिब्बल ने सोशल नेटवर्किंग

कृषि पदार्थों में आज भी समृद्ध है बुन्देलखण्ड

0 2011/11/27 12:21 am

जबसे उत्तर प्रदेश सरकार ने बुन्देलखण्ड राज्य के प्रस्ताव की चर्चा की है तबसे बुन्देलखण्ड के लिए संघर्ष कर रहे लोगों के साथ-साथ आम आदमी को भी इस बात का विश्वास हो चला है कि अब वो दिन दूर नहीं

अन्ना के आन्दोलन से कोई निष्कर्ष निकलना जल्दबाजी होगी

0 2011/09/07 4:04 pm

जनता की ताकत क्या होती है, जनता का जुनून किस हद तक जा सकता है इस बात को अन्ना के आन्दोलन के द्वारा भली-भाँति देखा-सुना जा सकता है। एक-दो दिन नहीं वरन् पूरे बारह दिनों में सम्पूर्ण देश में लगभग

शक्ति युवाओं की, अब करेगी कुछ फैसला

1 2011/05/15 12:39 am

उरई शहर के जागरूक और उत्साही युवा राकेश चौहान द्वारा दिनांक-13 मई 2011 से तहसील गेट पर आमरण अनशन की शुरुआत की गई थी। उनका मुद्दा था कि देश में आरक्षण का आधार जातिगत न होकर आर्थिक हो। उनका मानना

युवा ही दिखायेंगे भटकी हुई राजनीति को सही राह

युवा ही दिखायेंगे भटकी हुई राजनीति को सही राह

1 2011/04/16 11:54 pm

इधर कुछ दिनों से देखने में आ रहा है कि देश में जबसे भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम छिड़ी है तभी से लगभग सभी लोग राजनीति को गाली देने में लगे हैं। राजनीति को गरियाने के साथ ही साथ राजनेताओं को भी

बेहतर समाज बनाने का भी उपाय सोचें अब

1 2011/04/13 1:56 am

नोएडा की दो बहनों की घटना तो सभी को पता चल ही गई होगी। ये घटना क्या दर्शाती है, यह भी बताने की आवश्यकता नहीं है। इस तरह की घटनायें समाज में क्या संदेश दे रहीं हैं या कहें कि

विपक्षियो, विकीलीक्स ने देश की अस्मिता पर हमला किया है

7 2011/03/19 10:39 pm

इधर इन दिनों एक महाशय की उत्पत्ति हो गई, जूलियन असांजे और उनके किसी अप्रत्यक्ष से सहायता प्राप्त करने के बाद उनका हथियार विकीलीक्स की भी उन्हीं की तरह प्रकट हो गया है। अमेरिका के बारे में तमाम सारी खबरों

राजनीति के फेर में फंसे बाबा जी

1 2011/02/25 10:08 pm

योग सिखाते-सिखाते बाबा रामदेव जी कांग्रेस की राजनीति में फंस गये। बाबा ने योग सिखाने के साथ-साथ भ्रष्टाचार के विरोध में भी अपनी सांसे अन्दर-बाहर करनी शुरू की तो बहुतों को पसंद आया और बहुतों को नापसंद। इधर बाबा के

इनके योगदान को माना गया भारत रत्न के लायक !!!

1 2011/01/25 10:50 pm

भारत रत्न भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। यह सम्मान राष्ट्रीय सेवा के लिए दिया जाता है। इन सेवाओं में कला, साहित्य, विज्ञान या सार्वजनिक सेवा शामिल है। इस सम्मान की स्थापना २ जनवरी १९५४ में भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति

तिरंगा फहराने की कोशिश की तो समझो आतंक—-

तिरंगा फहराने की कोशिश की तो समझो आतंक—-

2 2011/01/24 11:44 pm

दो दिन के बाद 26 जनवरी है, गणतन्त्र दिवस मनाने की पूरी तैयारी दिल्ली ने कर दी है। परेड के लिए भी रिहर्सल को फाइनल कर लिया गया है। इसके बाद भी कहीं न कहीं किसी आशंका के कारण से