आखिर अपने देश में ‘राजा’ जैसे लोग राजा क्यों हैं?
0दोस्तों, आज सुबह का अखबार खोलते ही देखा कि ए. राजा की हंसती हुई तस्वीर मुख्य पृष्ठ पर है।देख कर सोचा कि आखिर ‘राजा’ ने ऐसा कौन सा महान काम कर दिया कि हंसती हुई तस्वीर अखबार के मुख्य पृष्ठ
दोस्तों, आज सुबह का अखबार खोलते ही देखा कि ए. राजा की हंसती हुई तस्वीर मुख्य पृष्ठ पर है।देख कर सोचा कि आखिर ‘राजा’ ने ऐसा कौन सा महान काम कर दिया कि हंसती हुई तस्वीर अखबार के मुख्य पृष्ठ
दोस्तों, अरविंद केजरीवाल ने हमारे कुछ माननीय सांसदों के बारे में सच्चाई क्या बोली, सभी सांसद उन पर टूट पड़े।पहले राजनीति प्रसाद और रामकृपाल यादव और अब केंद्रीय मंत्री वीरभद्र सिंह और जगदंबिका पाल ने उन्हें विशेषाधिकार हनन नोटिस भेजा
दोस्तों, उत्तर-प्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजे देखकर तो अच्छे-अच्छों के होश उड़ गए।06 मार्च को घोषित हुए नतीजों के अनुसार युपी में मुलायम सिंह यादव की समाजवादी पार्टी सबसे बड़ी पार्टी साबित हुई।समाजवादी पार्टी ने 403 सीटों में 224 सीटों
दोस्तों, जब हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने देश को अंग्रेजों से आजादी दिलाई थी, उस वक्त उन्होंने यह बिल्कुल नहीं सोचा होगा कि एक दिन ऐसा भी आएगा जब अपने देश के नेता ही एक गंदी वोट-बैंक की राजनीति के तहत
दोस्तों, रिकॉर्ड तो रिकॉर्ड होता है।रिकॉर्ड चाहे सबसे ज्यादा रन बनाने का हो या सबसे अधिक बार शून्य पर आउट होने का, रिकॉर्ड बनाने वाले पर तो सभी की निगाहें रहती ही हैं।फिर चाहे रिकॉर्ड देश के इतिहास में पहली
दोस्तों, जैसा कि आप सब जानते हैं, इस साल के शुरूआत में पाँच राज्यों में विधान-सभा चुनाव होने वाले हैं।जनवरी के अंत(28 जनवरी) से मणिपुर से इन चुनावों की शुरूआत हो चुकी है और पंजाब और उत्तराखंड(30 जनवरी) में भी
दोस्तों, टीम इंडिया के इंग्लैंड दौरे के जख्म अभी भरे भी नहीं थे कि टीम इंडिया ने क्रिकेट प्रेमियों को एक और जख्म दे दिया।पिछले इंग्लैंड दौरे पर तो टीम एक भी मैच जिते बिना ही देश लौट आई थी।4
दोस्तों, वर्ष 2011 की शुरूआत देशहित के साथ हुई जब अन्ना ने भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों के खिलाफ पूरे देश भर में लोगों को जागरूक किया और भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त कानून की माँग को लेकर आंदोलन खड़ा किया।उस आंदोलन
अपने देश में आजकल व्यापारी-नेताओं का ही बोलबाला है।शायद ऐसे बहुत कम नेता हैं जो किसी भी तरह के व्यापार में शामिल न हो।गृह मंत्री से लेकर कृषि मंत्री तक सभी नेता कम और व्यापारी ज्यादा हैं।और माननीय शहरी विकास
अन्ना हजारे के जादुई दिमाग का ही एक फल है राईट टू रिकौल।इस कानून के तहत जनता को पाँच वर्षों के बीच में ही अपने द्वारा चुने गए सांसद को वापस बुलाने का अधिकार है।पर अभी तक सरकार ने इसे