दुनिया भर में अग्नि-5 की धमक
0दुनिया को अपना लोहा मनवाना तो भारतीयों की पुरानी आदतों में सुमार है। दुनिया के नक्शें पर तेजी से विकसित होते देशों में भारत का नाम सबसे आगे है। फिर वह शिक्षा हो, सुविधा हो या सुरक्षा, हर क्षेत्र में
दुनिया को अपना लोहा मनवाना तो भारतीयों की पुरानी आदतों में सुमार है। दुनिया के नक्शें पर तेजी से विकसित होते देशों में भारत का नाम सबसे आगे है। फिर वह शिक्षा हो, सुविधा हो या सुरक्षा, हर क्षेत्र में
उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया मोड़ लिया है। जब अब तक के सबसे युवा मुख्यमंत्री अखिलेश ने प्रदेश की बागडोर सम्भाली। उनके मुख्यमंत्री पद पर बैठने से युवाओं को उनसे खासी उम्मीदें हैं। और माना भी यह जा
बुंदेलखण्ड की वीरांगना झांसी की रानी पूरी दुनिया में मशहूर है। उनका लोहा ब्रिटेन सरकार भी मानती है। देश की सबसे बड़ी क्रांति में उस महान नारी का बड़ा योगदान रहा है। ऐसा नहीं कि उनका नाम इतिहास में ही
बलात्कार पीड़ित को नौकरी देने की घोषणा से समाज में आ सकती है नई आफतें सत्ता हथियाने के लिए नेता क्या क्या नहीं करते। प्रदेश की सत्ता बसपा के हाथ से खिचतीं नजर आई तो उन्होंने प्रदेश को चार हिस्सों में
देश में सबसे बड़ा राज्य का दर्जा उत्तर प्रदेश का प्राप्त है। पूरे प्रदेश में अब 75 जिले बन चुके हैं। जिसमें 403 सीटों पर चुनाव होना है। सबसे बड़ा प्रदेश होने के कारण यहां की राजनीति से पूरे देश
हमेशा से चर्चाओं में रहने वाली सोशल नेटवर्किंग साइट एक बार फिर से विवादों में घिर गई है। इस बार विवाद कुछ राजनैतिक मोड़ ले गया। अभी तक तो सोशल नेटवर्किंग से लोग अपने दोस्तों को ही कमेंट्स करते थे
भारत की आजादी के बाद एक बंटवारे का कलंक जो महात्मा गांधी पर लगा था। उसे आज तक नहीं धोया जा सका। उस बंटवारे की ठीस अब तक लोगों के दिलों में चुभी हुई है। वो बंटवारा मजबूरी थी,
शिक्षा के क्षेत्र में अपना जीवन समर्पित करना अब बीते दौर की बातें हो गयी हैं। वो दिन लद गये है जब शिक्षक केवल शिक्षा के क्षेत्र में सेवा करता था। आज के दौर में शिक्षा का तेजी से व्यवसायीकरण
जन लोकपाल बिल की मांग को लेकर अड़े अन्ना हजारे का समर्थन देश की जनता ने बढ़-चढ़कर किया। अन्ना के एक अह्वाहन पर पूरा देश एक जुट हुआ नजर आया। जब भी अन्ना ने हुकार भरी, जनता ने उसे अपनी
चाय की चुस्की भरते ही हर कोई यही कहता, ‘‘भाई! कुछ भी कहों, चाय बड़ी लाजबाव बनी है, किसने बनाई है?’’ तब मेरा जबाव होता कि हमारे यहां एक पंडित जी है वो चाय बनाते हैं। पंडित जी की चाय