32 साल की भाजपा और राजनीति की रपटीली राहें
0जुलाई का महीना दिल्ली के लिए काफी गर्म होता है. पर यह धूप तब और कष्टकर हो जाता है जब आप बायो-डाटा लेकर नौकरी की तलाश में दिल्ली की सड़कों पर घुमते रहें. सन 2004 की ऐसी ही गर्मी में, जब
जुलाई का महीना दिल्ली के लिए काफी गर्म होता है. पर यह धूप तब और कष्टकर हो जाता है जब आप बायो-डाटा लेकर नौकरी की तलाश में दिल्ली की सड़कों पर घुमते रहें. सन 2004 की ऐसी ही गर्मी में, जब
दक्षिण अफ्रिका के पीटर मारित्ज़वर्ग रेलवे स्टेशन से कभी किसी फिरंगी ने एक वकील को टिकट होने के बावजूद बोगी से बाहर फेक दिया था. बस उसी समय भारत में फिरंगी साम्राज्य का देश से ही निकाल-बाहर किये जाने की
पत्रिका ने पत्रकारिता के मानकों का उल्लंघन किया है जस्टिस काटजू . आदरणीय काटजू साहब. कोई भी पद वैधानिक रूप से कितना महत्वपूर्ण है या उसके पास कितनी शक्ति है, इससे ज्यादा महत्वपूर्ण यह होता है कि उस पद पर
नक्सलियों के खिलाफ खड़े हुए छत्तीसगढ़ के नौनिहाल भारत के भविष्य कुछ स्कूली बच्चों ने पिछले दिनों छत्तीसगढ़ प्रदेश के सुदूर कांकेर जिले में नक्सलियों के खिलाफ एक रैली निकाली. अद्भुत था वो दृश्य जब छोटे-छोटे बच्चे चिल्ला-चिल्ला कर नक्सलियों
तेलंगाना पर राजनीतिक दलों द्वारा बिछाई जा रही बिसात के बीच आंध्र के एक पडोसी राज्य का हालिया वाकया गौरतलब है. छत्तीसगढ़ प्रदेश की सीमा से लगे ओडिशा के कुछ गांव के लोग सामूहिक धरना-प्रदर्शन पर थे. उनकी मांग अपने