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2012/05/15 10:26 pm
गत महीनो में मध्यप्रदेश ने कमाल कर दिया है | मध्यप्रदेश लोकायुक्त ने दर्जनों नौकरशाहों और बाबुओं की काली कमाई कब्जे में लेकर भ्रष्टाचार के विरुद्ध अभियान छेड़ दिया है और जाहिर सी बात है बगैर राज्य सरकार के सहयोग
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2012/04/12 10:45 pm
दिनेश चंद्र मिश्र ‘ किस तरह करूं फरियाद मैं, यकीन हो दुनिया को कि मैं हिंदू हूं, मैं होश में हूं, मैं जानती हूं, मेरा नाम रिंकल हैं, मैं हिंदू हूं, पढ़ाया गया कलमा वो सबको दिखता है, अब क्यों नहीं
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2012/04/08 9:38 pm
1936 में बर्लिन ओलपिंक में जब भारत ने जर्मनी को 8-1 से रौंद दिया तो इस खेल के चश्मदीद हिटलर ने ध्यानचंद के सामने जर्मन नागरिकता और जर्मन सेना में प्रमोशन की पेशकश तक कर डाली। जर्मनी की ओर से
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2012/03/24 10:46 am
ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) के सम्मेलन में चीनी राष्ट्रपति हु जिंताओ के दिल्ली दौरे के मद्देनजर जारी एक बयान में चीन के विदेश मंत्रालय में उप महानिदेशक ली केक्सिन ने कहा कि चीन ने जम्मू-कश्मीर के
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2012/02/03 9:09 pm
कश्मीर को भारत के नक़्शे में नहीं दिखाने का कार्य अब तक चीन और अमेरिका की संस्थाओं द्वारा होता रहा है | लेकिन अफ़सोस है कि देश के भीतर भी कुछ विभाजनकारी शक्तियां पनपने लगी हैं जो कश्मीर को भारत
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2011/09/13 8:57 pm
भाइयों एवम् बहनों, सादर प्रणाम! कल देश के सर्वोच्च न्यायालय ने 2002 के गुजरात के सांप्रदायिक दंगों के संदर्भ में एक महत्त्वपूर्ण फैसला दिया। देश में सभी लोग अपने-अपने अनुसार इस फैसले का विश्लेषण कर रहे हैं। राजनैतिक विश्लेषकों के
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2011/02/19 9:22 pm
भारतीय मीडिया और तथाकथित मानवाधिकार के ठेकेदारों की फ़ौज उस समय ना जाने कहाँ चली जाती है जब देश पर जान लुटाने वालों के परिजन आत्मदाह करते है,आत्मदाह को सिर्फ़ एक छोटी सी खबर बनाकर हाशिये पर सरका दिया गया
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2010/10/19 11:15 am
वर्तमान शिक्षण में बालकों के मस्तिष्क में ठूंस-ठूंसकर भरी गई जानकारियों को तीन घंटे में उत्तरपुस्तिका में उगल देना होता है। जितनी अधिक जानकारी विद्यार्थी दे सकता है, उतना ही उसे बुद्धिमान माना जाता है। श्रीअरविंद की दृष्टि में यह
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2010/10/06 1:06 pm
एक व्यक्ति मुजफ्फरपुर से मोतीहारी जा रहे थे। उसी डिब्बे में जिले के एक उच्च पदाधिकारी भी यात्रा कर रहे थे। डिब्बे में एक लड़का आया और उपाध्याय जी के जूते उठाकर पालिश करने लगा। उपाध्याय जी अखबार पढ़ रहे
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2010/05/31 6:20 pm
स्वतंत्रता के तुरत बाद जब राष्ट्र के पुनिर्नर्माण की आवश्यकता थी, ऊर्जा सम्पन्न युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् (Akhil Bhartiya Vidyarthi Parishad )की स्थापना 1948 ई में हुई। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् (अभाविप) कई