Articles By: डा ० पुरुषोत्तम मीणा डा ० पुरुषोत्तम मीणा

आरक्षित वर्ग के वर्गद्राही अफसर बर्खास्त हों

आरक्षित वर्ग के वर्गद्राही अफसर बर्खास्त हों

3 2010/06/11 12:11 pm

आरक्षित वर्ग के मुश्किल से पाँच प्रतिशत अफसरों को अपने वर्ग के नीचे के स्तर के कर्मचारियों तथा अपने वर्ग के आम लोगों के प्रति सहानुभूति होती होती है। शेष अफसर उच्च जाति के अफसरों की तुलना में अपने वर्ग

गरीब सवर्ण छात्रों को मिले संरक्षण

गरीब सवर्ण छात्रों को मिले संरक्षण

0 2010/05/22 8:48 pm

आर्थिक तौर पर विपन्न सवर्णों को मनवांछित उच्च शिक्षा अवश्य मिलनी चाहिए । और इसका एक संवैधानिक रास्ता भी निकला जा सकता है । संविधान के अनुच्छेद 15 (3) के आलोक में कम से २५ % विपन्न सवर्ण छात्रों को

राजस्थान में आरटीआई कानून बेअसर

राजस्थान में आरटीआई कानून बेअसर

2 2010/05/19 1:40 pm

यहाँ उन मामलों की बात की जाये जिनमें लोक सूचना अधिकारी का पक्ष सुनने के बाद राज्य सूचना आयोग अपीलार्थी के पक्ष में निर्णय देते हैं, जिनमें सूचना उपलब्ध होने के उपरान्त भी लोक सूचना अधिकारी एवं प्रथम अपील अधिकारी

जनहित याचिका कानून की मौत

जनहित याचिका कानून की मौत

0 2010/05/18 4:18 pm

इस बात में भी कोई दो राय नहीं है कि जनहित याचिका के माध्यम से कुछ लोग कानून के इस प्रावधान का दुरुपयोग और स्वयं के हित में उपयोग कर रहे हैं। लेकिन ऐसे कुछ लोगों के कारण सभी लोगों

दाम्पत्य जीवन में बिखराव

दाम्पत्य जीवन में बिखराव

0 2010/05/14 3:11 pm

क्यों विवाह संस्था प्रेम और त्याग की जगह लड़ाई का अखाड़ा बनता जा रहा है ? क्यों पति -पत्नी के रिश्तों की गाँठ कमजोर पड़ती जा रही है ? क्यों प्रेम का स्थान परोक्ष दुश्मनी ने ले लिया है ?

छिन सकती है, मीडिया की स्वतंत्रता !

छिन सकती है, मीडिया की स्वतंत्रता !

0 2010/05/13 5:43 pm

मीडिया के वर्तमान हालत को देखकर कोई नहीं कह सकता कि पत्रकारिता मीडिया के लिए धर्म रह गया है ! सर्वविदित है कि मीडिया उद्योग बन चुका है और उद्योग को चलाने के लिये नौकरशाहों और राजनेताओं को खुश करना पहली शर्त

गाँधी का उन्मुक्त या नाटकीय सेक्स जीवन

गाँधी का उन्मुक्त या नाटकीय सेक्स जीवन

52 2010/05/06 4:19 pm

भारत पर जबरन थोपे गये राष्ट्रपिता मोहनदास कर्मचन्द गाँधी के जीवन पर इंगलैण्ड के सुप्रसिद्ध इतिहासकार जेड ऐडम्स ने अपने पंद्रह वर्ष के लम्बे अध्ययन और गहन शोधों के आधार पर 288 पृष्ठ की एक किताब लिखी है। जिसे “Gandhi

जयपुर की जनता को कब मिलेगा न्याय ?

जयपुर की जनता को कब मिलेगा न्याय ?

2 2010/05/04 6:25 pm

मुंबई हमले की सुनवाई करते हुए विशेष अदालत द्वारा एक मात्र जिन्दा पकडे गये आतंकवादी अजमल आमिर कसाब को सभी 86 मामलों में दोषी ठहराया जा चुका है, जबकि दो वर्ष का वक्त बीत जाने पर भी जयपुर बम धमाकों

देश से गद्दारी का कारण है भ्रष्टाचार

देश से गद्दारी का कारण है भ्रष्टाचार

2 2010/05/03 7:38 pm

देश भर में कई आईएएस, आईपीएस, आयकर विभाग के उच्च अधिकारी, सीबीआई, सीआईडी, भ्रष्टाचार अन्वेषण ब्यूरो, सतर्कता टीम के छोटे बडे अधिकारी भ्रष्टाचार के मामले में फंस रहे हैं . भारतीय उच्चायोग की बी-ग्रेड अधिकारी माधुरी गुप्ता को देश की

भ्रष्टाचार का बढ़ता जोर

भ्रष्टाचार का बढ़ता जोर

0 2010/05/01 1:00 pm

देश में हर ओर तथा हर क्षेत्र में भ्रष्टाचार ही भ्रष्टाचार बोलबाला  है। शोर मचाने वाले और भ्रष्टचार में फंसने वाले भी बखूबी जानते हैं जिसकी पूंछ उठाओ वही मादा है , लेकिन सबकी अपनी-अपनी मजबूरियाँ हैं। भारतीय चिकित्सा परिषद में