अन्ना का अद्भुत आन्दोलन
0अन्ना के आन्दोलन को बुद्धि की कसौटी पर परखने वालों को गांधी जी के नमक सत्याग्रह को ज़रूर याद कर लेना चाहिए. तब भी अनेकों ने कहा होगा कि नमक और आज़ादी का क्या सम्बन्ध ? पर दूरद्रष्टा गांधी भारत
अन्ना के आन्दोलन को बुद्धि की कसौटी पर परखने वालों को गांधी जी के नमक सत्याग्रह को ज़रूर याद कर लेना चाहिए. तब भी अनेकों ने कहा होगा कि नमक और आज़ादी का क्या सम्बन्ध ? पर दूरद्रष्टा गांधी भारत
1857 के स्वतन्त्रता संग्राम को 10 मई को 154 वर्ष पूरे हो जाएंगे. इस संग्राम को याद करके आज भी यूरोपियनों की नीद हराम हो जाती है. इस संग्राम की यादों को दफन करने, इससे बदनाम करने, तथ्यों को छुपाने
यद्यपि ऐलोपैथी का एकछत्र साम्राज्य दुनियाभर के देशों पर नजर आता है पर इसका यह अर्थ बिल्कुल नही कि यह औषध सिद्धांत सही है। ‘दवा-लॉबी ’ का गढ़ माने जाने वाले अमेरीका की दशा इन दवाओं के कारण इतनी खराब
जापान के परमाणु हादसे में हज़ारों लोग मर चुके हैं और लाखों के सर पर मौत का ख़तरा मंडरा रहा है. ११ मार्च के भूकंप व सुनामी के बाद फुकुशिमा के परमाणु रिएक्टरों में हुए विध्वंस से शुरू हुए विनाश
एक अमेरिकी चकित्सक ने गहन खोजों से साबित किया है कि नारियल तेल का नियमित सेवन करने से मधुमेह रोगियों कि सभी समस्याएं सुलझ सकती हैं. वास्तव में मधुमेह के रोगी के कोष इंसुलिन रेजिस्टेंट हो जाते हैं और इंसुलिन
भारत,भारतीयता और हम सन 1750 के बाद तक भी यूरोपीय देश लुटेरे थे और भुखमरी का शिकार थे. सैंकड़ों नहीं हज़ारों पृष्ठों के प्रमाण है जिनसे पता चलता है कि भारत को अंधाधुँध लूटने के बाद ब्रिटेन आदि देश समृद
प्यारे बच्चो! मैं आपको कुछ उपयोगी बातें बतलाऊंगा जिनको अपनाकर आप अपनी स्मरण शक्ती बढा सकेंगे, कद लम्बा कर सकेंगे! इसके इलावा दांन्त-आखें सुन्दर, शरीर मजबूत बना सकेंगे! लड्कियों के बाल खूब लम्बे होसकेंगे! मन बडा प्रसन्न रख सकोगे! तो
56 से घटकर 30 क्विंटल रह गई यानि ये दावे पूरी तरह गलत हैं, झूठे हैं कि उपज बढ़ाने के लिए रासायनिक खेती की जरूरत है। सच तो यह है कि रासायनिक खेती से उपज घट रही है और देश
सरकार के आह्वान पर ध्यान देना चाहिए। खेती को खत्म करने की अनेक योजनाओं में से एक हैं बन्दरों का सदुपयोग। हजारों साल से किसान और बन्दर दोनों अपने-अपने अस्तित्व को बनाए हुए थे। अनायास बन्दर खेती के लिए मुसिबत
अल्जाइमर अथवा विस्मृति रोग वृद्धावस्था का एक असाध्य रोग माना गया है। सन् 1906 में जर्मन डॉ ओलोए अल्जीमीर ने एक महीला के दिमाग के परीक्षण में पाया कि उसमें कुछ गांठे पड़ गई हैं, जिन्हें चिकित्सक ‘प्लेट’ कहतें हैं।