Articles By: चाणक्य चिंतन चाणक्य चिंतन

संसद के प्रति जनता और जनप्रतिनिधि दोनों जबावदेह बनें

संसद के प्रति जनता और जनप्रतिनिधि दोनों जबावदेह बनें

0 2012/05/17 2:18 pm

मुकुल कानितकर संसद के 60  वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर विशेष सत्र का आयोजन कर उत्सव मनाया गया । पर क्या केवल उत्सव मनाना पर्याप्त है ? सैद्धांतिक रूप से जो सम्मान व महत्व संसद का है क्या वह

यदि कार्ल मा‌र्क्स जीवित होते तो मा‌र्क्सवाद की निरर्थकता स्वीकार कर लेते !

यदि कार्ल मा‌र्क्स जीवित होते तो मा‌र्क्सवाद की निरर्थकता स्वीकार कर लेते !

0 2012/05/06 10:06 pm

राजनाथ सिंह सूर्य विख्यात अर्थशास्त्री और चिंतक दत्तोपंत ठेंगड़ी का लेख संघ के मुखपत्र ऑर्गनाइजर में पढ़ने को मिला था। ठेंगड़ी ने लिखा था कि यदि कार्ल मा‌र्क्स जीवित होते तो वह स्वयं ही मा‌र्क्सवाद की निरर्थकता स्वीकार कर लेते।

सौ साल का बिहार या हजारों साल का बिहार ?

सौ साल का बिहार या हजारों साल का बिहार ?

0 2012/04/12 12:10 pm

अरविंद मोहन यह बहस अभी जारी है कि बिहार के सौवें साल का जश्न मनाया जाना चाहिए या नहीं, या फिर मनाया जाए तो कब। लेकिन राज्य सरकार यह जश्न मना रही है और विधान परिषद ने तो पिछले साल

कितनी बदल गयी है वामपंथी पार्टियां ,सीपीएम की 20वीं कांग्रेस में 7 करोड का अनुमान

कितनी बदल गयी है वामपंथी पार्टियां ,सीपीएम की 20वीं कांग्रेस में 7 करोड का अनुमान

0 2012/04/06 9:09 pm

शरद जोशी ने वर्षों पहले अपने एक व्यंग में लिखा था ”  जब तक पक्षपात ,निर्णयहीनता,ढीलापन ,दोमुंहापन ,पूर्वाग्रह ,ढोंग ,दिखावा ,सस्ती आकांक्षा और लालच कायम हैं | तब तक कांग्रेस को इस देश से कोई मिटा नही सकता | इस

भारत को हीन भावना से ग्रसित करने का षड्यंत्र आज भी जारी है..

भारत को हीन भावना से ग्रसित करने का षड्यंत्र आज भी जारी है..

0 2012/04/05 6:18 pm

हमारे देश में एक महान वैज्ञानिक हुए हैं प्रो. श्री जगदीश चन्द्र बोस। भारत को और हम भारत वासियों को उन पर बहुत गर्व है। इन्होने सबसे पहले अपने शोध से यह निष्कर्ष निकाला कि मानव की तरह पेड़ पौधों

चर्च का रुलबुक फटा तो पुरे गांव को मिली सजा

चर्च का रुलबुक फटा तो पुरे गांव को मिली सजा

0 2012/03/31 10:59 pm

मीडिया की दखल से सामाजिक न्याय की दुहाई की बात आये दिन कही जाती है लेकिन इसी मीडिया की ख़बरों में ट्राइबल क्षेत्रों खास कर नोर्थ ईस्ट ,झारखण्ड ,छत्तीसगढ़ आदि जगहों के सुदूर ग्रामीण इलाकों की स्थिति और घटनाओं का

शिक्षा में सुधार के सुझाव

0 2012/03/25 11:29 am

गुलाम कुन्दनम 24मार्च को सासाराम में दृष्टिगत चुनौतीपूर्ण (visually challenged ) बच्चों के लिए रेडियो मिर्ची और बिहार शिक्षा परियोजना के संयुक्त कार्यक्रम में “तारे जमीं पर” फिल्म दिखाई गयी. बच्चों ने भी अपनी ओर से रेडियो मिर्ची के मित्र

आंकड़ों के खेल से चल रहा है देश

आंकड़ों के खेल से चल रहा है देश

0 2012/03/22 11:02 am

आंकडों के खेल से अगर देश चलता तो शायद आम आदमी का ये हाल ना होता |हमारे देश में तो सरकारें बस फाइलों के जाल में उलझ कर और जनता को उलझा कर बैठी हैं और मीडिया को यही उलझन

राहुल ने अपने ही उम्मीदवारों की सूची फाड़ी थी

राहुल ने अपने ही उम्मीदवारों की सूची फाड़ी थी

9 2012/02/16 12:21 pm

ये क्या जिस घोषणा-पत्र यानी चुनावी वादों को फाड़ कर राहुल गाँधी हीरो बनने की कोशिश में थे वो सूची किसी दूसरी पार्टी की नहीं बल्कि खुद कांग्रेस उम्मीदवारों की थी ! बीते दिन चुनावी रैली के दौरान राहुल ने

किसने रोका है खुर्शीद को इन्साफ करने से ?

किसने रोका है खुर्शीद को इन्साफ करने से ?

2 2012/02/10 7:23 pm

पहले आजमगढ़ की चुनावी रैली में सलमान खुर्शीद ने कहा ,” गाँधी जी को उस हादसे की तस्वीरें दिखाई तो वो फुट-फुट कर रो पड़ी और कहा कि मुझे यह तस्वीर मत दिखाओ ,फौरन वजीरे आज़म के पास जाओ |