Articles By: ब्रजेश कुमार

सम्मान ना बचा पाने की समस्या

0 2012/05/04 3:37 pm

समाज में कुछलोग ऐसे हैं जिन्हें आप सम्मान दें, तो वे आपके सम्मान को ढो ही नहीं पाते हैं। ऐसे में हमारे सामने एकमात्र विकल्प यह बचता हैं कि हम उनको सम्मान दें ही नहीं। मैंने उपर्युक्त पंक्ति देश-व्यापी समस्या

नक्सलियों से अपील

नक्सलियों से अपील

0 2012/04/24 11:09 pm

नक्सलियों को आम जनता की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं हैं। यदि सरोकार होता तो वे आम जनता की खून की नदियाँ बहाकर उसपर अपना विजयोत्सव नहीं मनाते। उस कलक्टर ने नक्सलियों को क्या बिगाड़ा था, जिसका उन्होंने अपहरण किया

महान् सामाजिक कार्यकर्ता व गाँधीवादी श्री महावीर त्यागी

0 2012/04/11 8:37 pm

मैं 2008 ई. में कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय से बी.एड. कर रहा था। कुरूक्षेत्र के गुरूद्वारा के धर्मशाला में रह रहा था। एक-बार की बात हैं, जब सामाजिक कार्यकर्ता श्री महावीर त्यागी जी वहाँ अपने चार समर्थकों के साथ रात्रि के वक्त

मनमाना दहेज ना मिले तो ?

मनमाना दहेज ना मिले तो ?

1 2012/04/09 7:45 pm

बेटी ईश्वर का दिया हुआ सबसे अनमोल व अनुपम तोहफा हैं। बेटी के बिना घर सूना होता हैं। बेटी लक्ष्मी होती हैं। पुत्र से भी अधिक पुत्री ही अपने हृदय में अपने माता-पिता के लिए सबसे अधिक सम्मान की भावना

हिंदी भाषा की उपेक्षा

0 2012/03/24 11:31 pm

  मैं जहाँ भी जाता हूँ और जिससे भी बातें करता हूँ, केवल दो विषय ही प्रमुखता से उभरकर सामने आते हैं — सरकारी नौकरी और अँग्रेजी भाषा की अत्यावश्यकता। मैं समझता हूँ कि आज के दौर में युवा इन्हीं

श्री श्री के बयान से उपजे सवालों का क्या जबाव है ?

श्री श्री के बयान से उपजे सवालों का क्या जबाव है ?

4 2012/03/22 2:45 pm

श्री श्री रविशंकर जी के इस बयान (सरकारी स्कूलों से पढ़े बच्चों में संस्कार नहीं होते और इसकी वजह से छात्र हिंसा व नक्सलवाद की तरफ जा रहे हैं। इसीलिए सरकार को अपने स्कूल बंद कर देने चाहिए।) की चाहे जितनी भी तीखी निंदा

उत्तरप्रदेश में राष्ट्रीय पार्टियों की करारी शिकस्त

उत्तरप्रदेश में राष्ट्रीय पार्टियों की करारी शिकस्त

1 2012/03/08 10:45 pm

दो दिन पहले उत्तरप्रदेश, उत्तराखण्ड, पंजाब, गोवा और मणिपुर के विधानसभा के चुनाव परिणाम आए। इनमें से उत्तराखण्ड को छोङकर सभी प्रदेशों की जनता ने स्पष्ट जनादेश दिया, उसके लिए जनता बधाई की पात्र हैं। पंजाब में तो 46 साल

महँगाई और भ्रष्टाचार से लाचार देश

महँगाई और भ्रष्टाचार से लाचार देश

2 2011/11/03 3:56 pm

महँगाई के कारण जनता की आँखों से निकले आँसू और भूख से व्याकुल होते पेट की दशा को देखकर भी केन्द्र सरकार का हृदय नहीं पिघलता हैं, लेकिन जब पेट्रोल कम्पनियाँ घाटे का रोना रोती हैं, तो एक क्षण गँवाए बिना

समाज में चारित्र्यगत् शिक्षा का अभाव

समाज में चारित्र्यगत् शिक्षा का अभाव

0 2011/09/28 3:28 pm

ब्रजेश कुमार शर्मा समाज में तरह-तरह के हृदय-विदारक घटनाएँ घट रही हैं, किसी डाँक्टर द्वारा न पसंद आने पर अपनी पत्नी को मार डालना, इंजीनियर, आईएस द्वारा मामूली-सी बात पर अपनी पत्नी को मारकर टुकङे-टुकङे कर डालना, समाज में अनैतिकताएँ

नारी-सशक्तिकरण

नारी-सशक्तिकरण

0 2011/09/28 2:47 pm

ब्रजेश कुमार शर्मा जिस दिन वास्तव में नारी सशक्त हो जाएगी उस दिन से पुरूष सशक्तिकरण अभियान का दौर भी आरम्भ हो जाएगा।क्योंकि मैंने बहुत-से ऐसे विवाहित पुरूषों की दुर्दशाओं को नजदीकी से देखा हैं,जिनकी जिंदगी नारी के साए में