Articles By: रमेश भट्ट रमेश भट्ट

यूपी का जातीय गणित

यूपी का जातीय गणित

1 2012/01/30 12:14 pm

पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान और नितीश की जीत के बाद राजनितिक पंडितों ने कहा कि बिहार में जाति की राजनीत खत्म हो गयी है | जबकि ऐसा नहीं है बिहार में सत्ता समीकरण को बदलने वाली जातियां

कोई भूखा ना रहे : खाद्य सुरक्षा विधेयक

कोई भूखा ना रहे : खाद्य सुरक्षा विधेयक

2 2012/01/08 12:30 am

सरकार अपना महत्वकांक्षी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विधेयक लोकसभा में पेश कर चुकी है। इस विधेयक के मुताबिक केन्द्र सरकार देश की 63.5 फीसदी आबादी को सस्ती कीमत पर राशन मुहैया कराएगी। मसलन ग्रामीण भारत की 75 फीसदी आबादी इसके दायरे

खाद्य सुरक्षा कानून 2011

खाद्य सुरक्षा कानून 2011

0 2011/12/22 9:15 pm

सरकार ने खाद्य सुरक्षा विधेयक लोकसभा में पेश कर दिया है। विधेयक के मुताबिक केन्द्र सरकार 63.5 फीसदी आबादी को सस्ते दरों में राशन मुहैया कराएगी। मसलन ग्रामीण भारत की 75 फीसदी आबादी जिसमें से 46 फीसदी को प्राथमिकता में

कृषि ऋण में व्यापक सुधार की जरुरत

कृषि ऋण में व्यापक सुधार की जरुरत

0 2011/12/08 8:47 pm

बजट 2011- 12 में सरकार ने  कृषि  ऋण का लक्ष्य 4.75 लाख करोड़ रखा है। यह पिछले साल के मुकाबले 1 लाख करोड़ ज्यादा है। ऋण खेती की एक बुनियादी आवश्यकता है। खासकर भारत जैसें देश में जहां 81 फीसदी

कृषि और उद्योग क्षेत्र में अर्थव्यवस्था की मुश्किलें

कृषि और उद्योग क्षेत्र में अर्थव्यवस्था की मुश्किलें

0 2011/12/07 12:25 pm

बढ़ती आबादी की मांग को देखते हुए इस देश को दूसरी हरित क्रांति की जरूरत है। खाद्यान्न के रिकार्ड तोड़ उत्पादन के बावजूद कृषि क्षेत्र में व्यापक बदलाव की जरूरत महसूस की जा रही  है। हालांकि भारत सरकार ने 11वी

नई खरीद नीति में राजनीति का कॉकटेल

नई खरीद नीति में राजनीति का कॉकटेल

0 2011/12/05 9:07 pm

केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने हाल ही में नई खरीद नीति को हरी झंडी दे दी। इस साल 15 अगस्त को प्रधानमंत्री डा मनमोहन सिंह ने लालकिले की प्राचीर से भ्रष्टाचार से लड़ने के उपायों की घोषणा करते हुए इस नीति का

संसद के शीतकालीन सत्र के विधेयक

संसद के शीतकालीन सत्र के विधेयक

0 2011/11/24 6:04 pm

 लोकपाल बिल 2011 लोकसेवकों के लिए भ्रष्टाचार की जांच करने के लिए लोकपाल संस्था का गठन करना।  पब्लिक इंटरेस्ट डिस्क्लोजर एंड प्रोटेक्शन टू पर्सन मेकिंग डिस्क्लोजर्स बिल 2010 लोकसेवकों के खिलाफ भ्रष्टाचार जानबूझकर अधिकारों के दुरूपयोग की शिकायत

गरीब के आंकलन की सोच में इतनी गरीबी क्यों ?

गरीब के आंकलन की सोच में इतनी गरीबी क्यों ?

0 2011/09/25 8:56 pm

कौन गरीब? कितने गरीब? गरीब वो जो प्रतिदिन अपने दिनचर्या के लिए शहरों में 32 रूपया और गांव में 26 रूपये खर्च कर सकता है। यह हलफनामा योजना आयोग ने सुप्रीट कोर्ट में पेश किया है। गौर करने की बात

भारत में 1667 व्यक्ति पर 1 डॉक्टर

भारत में 1667 व्यक्ति पर 1 डॉक्टर

0 2011/09/14 10:31 pm

भारत में जनसंख्या के हिसाब से डाक्टरों का खासा टोटा है। शहरों में डाक्टर जरूर मौजूद हैं मगर राज्यों और खासकर ग्रामीण इलाकों में यह हालत चिन्ताजनक हैं। आज विश्व मानदंडों से हम कहीं मेल नही खाते। हाल की में

संसद में सवाल

संसद में सवाल

2 2011/08/30 11:20 am

क्या आपको पता है , संसदीय कार्यसूचि में प्रतिदिन 20 लिखित सवाल पूछे जाते है। इन सवालों के लिए सांसदों को 21 दिन का नोटिस देना होता है। ताकि मंत्रालयों को जवाब तैयार करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।