Articles By: अवधेश कुमार अवधेश कुमार

लोकपाल पर कलाम के विचार को गंभीरता से लेने की जरुरत

लोकपाल पर कलाम के विचार को गंभीरता से लेने की जरुरत

0 2012/05/22 2:24 pm

अवधेश कुमार पूर्व राष्ट्रपति डॉ० एपीजे अब्दुल कलाम ने लोकपाल के बारे में हाल ही में जो बयान दिया है वह अन्ना हजारे एवं उनके साथियों तथा स्वामी रामदेव के साथ अनके नेताओं व मीडिया से जुड़े कुछ लोगों को

आखिर निर्मल बाबा पैदा कहाँ से होते हैं ?

आखिर निर्मल बाबा पैदा कहाँ से होते हैं ?

1 2012/04/26 10:30 pm

अवधेश कुमार निर्मल नाम के बाबा पिछले कुछ दिनों से देश भर में बहस का मुद्दा बन हुए हैं। ऐसा बाबा पहली बार हमारे सामने हंै जो बाजाब्ता बैंक खातों में फीस जमा करवाकर अपने दरबार में शामिल होने की

एक नए अखबार नेशनल दुनिया की दस्तक

1 2012/04/19 9:28 pm

राजधानी दिल्ली से एक ऐसा नया समाचार पत्र हमारे सामने है, जिसके प्रकाशित होने की कोई पूर्व सूचना आम पाठकों को तो छोडि़ए, सक्रिय पत्रकारों तक को नहीं थी। मुझे स्वयं इसकी सूचना तब मिली जब एक मित्र ने फोन

मूल्यों से भटके हुए देश की त्रासदी

मूल्यों से भटके हुए देश की त्रासदी

0 2012/03/31 12:40 am

जरा परिदृश्य पर नजर उठाइए। संसद से लेकर बाहर योजना आयोग और सरकार के विरुद्ध शब्दों से तूफान खड़ा किया जा रहा है। योजना आयोग द्वारा गांवों में 22.42 रुपए तथा शहरों में 28.65 रुपए प्रतिदिन आय तक को गरीबी

चुनाव परिणामों के निहितार्थ

चुनाव परिणामों के निहितार्थ

0 2012/03/10 9:20 pm

विधानसभा चुनाव परिणामों के बारे में कोई एक मत व्यक्त करना कठिन है। पंजाब को छोड़कर सारे परिणाम पूर्व अनुमानों के अनुरुप ही है। हां, समाजवादी पार्टी उ. प्र. में अपनी बदौलत बहुमत के पास पहुंच जाएगी इसका अनुमान नहीं

क्या भारत के पास मालदीव के राजनीतिक विप्लव को रोकने का कोई विकल्प नहीं था ?

क्या भारत के पास मालदीव के राजनीतिक विप्लव को रोकने का कोई विकल्प नहीं था ?

2012/02/14 7:22 am

|| अवधेश कुमार ||   मालदीव की स्थिति बिगड़ रही है। अपदस्थ किए गए राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद सड़क पर अपने समर्थकों के साथ उतर चुके हैं। उन्होंने विश्व् समुदाय से इस असंवैधानिक कृत्य के विरुद्ध साथ देने की अपील की

प्याले में तूफान से ज्यादा उफान पैदा नहीं हो सकता

प्याले में तूफान से ज्यादा उफान पैदा नहीं हो सकता

1 2012/01/11 6:53 pm

कुशवाहा एवं बादशाह प्रकरण *चुनावी विजय के लिए प्रतिद्वंद्वी को नष्ट करने की सीमा तक जाने वाले हमारे राजनीतिक तंत्र से विवेकशीलता, नैतिकता एवं आदर्श की कल्पना बेमानी है। अकेले भाजपा की ऐसी दशा नहीं, ज्यादातर दलों का आचरण ऐसा

लोकपाल पर नयी राजनीतिक कलाबाजी

लोकपाल पर नयी राजनीतिक कलाबाजी

0 2011/12/26 6:22 pm

तमाम बाधाओं को पार करते हुए लोकपाल विधेयक संसद में पेश हो गया। लेकिन इससे राहत और संतोष का कोई कारण नहीं दिखता। इसके पूर्व सात प्रधानमंत्री के कार्यकाल में नौ बार लोकपाल के नाम से अलग-अलग विधेयक पेश हुआ,

ऐतिहासिक सरदारपुरा फैसले पर खामोशी विचलित करने वाली

ऐतिहासिक सरदारपुरा फैसले पर खामोशी विचलित करने वाली

2 2011/12/07 11:00 am

अवधेश कुमार गुजरात के साथ यह विडम्बना अब स्थायी रुप से जोड़ दिया गया है कि वहां जब ऐसी घटना हो जाए तो मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ हो तो उसकी खूब चर्चा होगी, लेकिन ऐसी घटना जिसमें मोदी सरकार

नेताओं एवं नौकरशाहों के लिए चेतावनी हैं थप्पड़

नेताओं एवं नौकरशाहों के लिए चेतावनी हैं थप्पड़

1 2011/11/29 9:29 pm

एक गुस्साए युवक द्वारा केन्द्रीय कृषि मंत्री शरद पवार को थप्पड़ मारने की घटना पर पूरे देश में अफसोस प्रकट किया गया है। आम प्रतिक्रिया यही है कि ऐसी हिंसा से किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता, यह निंदनीय है…आदि