गुजरात की तरह बिहार ने विकास को चुना |
0डॉ. अतुल कुमार ऐसा लगता था कि सदियों से राजा रानी वाली राजतंत्र की प्रशासन व्यवस्था में रह चुकी जनता ने लगभग साठ साल के गणतंात्रिक देश हिन्दुस्तान में ने हाल तक भी सभी भारतीयों की मानसिकता लोकतंत्र के लिए
डॉ. अतुल कुमार ऐसा लगता था कि सदियों से राजा रानी वाली राजतंत्र की प्रशासन व्यवस्था में रह चुकी जनता ने लगभग साठ साल के गणतंात्रिक देश हिन्दुस्तान में ने हाल तक भी सभी भारतीयों की मानसिकता लोकतंत्र के लिए
रविश कुमार (जाने -माने पत्रकार हैं ) अमेरिका में ओबामा कम हो रहे हैं। भारत में ओबामा अत्यधिक हुए जा रहे हैं। पांच दिनों से ओबामा के बारे में हर आतंरिक जानकारी दी जा रही है। ओबामा और भारत के
देश की अखंडता पर चोट किया है राज ठाकरे ने , सौ प्रतिशत यही शब्द अशोक चाह्वान ने मीडिया के समक्ष कहा था . पर सही बात यहीं नहीं ठहरती , भारत का संविधान पूछ रहा है महाराष्ट्र सरकार और
अद्भुत! अवर्णनीय!! विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा के वाहनों का काफिला काशी से चल कर लालगंज कस्बे में प्रवेश करता है। सड़क के दोनों और हजारों लोग गो रथ के दर्शन के लिए खड़े हैं। बैंड बज रहा है, स्वागत
भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी के राज स्थापना के पूर्व फारसी यहां की राजभाषा थी और फारसी लिपि में ही शासकीय पत्र-व्यवहार और अभिलेख लिखे जाते थे। इस बात पर कभी विचार नहीं किया गया कि जन साधारण की लिपि
बीते दिनों एक जनाब – गाँधी पुलिस कार्यवाही में पकड़े गये जो नक्सली सरगना बताये जाते हैं . यूँ तो नक्सलों के मुख्य सरगना के रूप में कार्यरत थे .यूँ तो नक्सलवाद की समस्या पिछले कई सालों से चली आ
एक ठूंठ और एक चील , देख रहे थे एक-दूसरे को . एक शांत ,निर्लिप्त, दूसरा, स्वच्छंद और चंचल . एक की खामोशी, दूसरे की वाचालता , क्या कुछ नहीं कहती थी ! शायद चिंतित थे दोनों , मनुष्य की
कितनी अजीब बात है ,ऐय्याशी के लिए माँ की हत्या । घटना महानगर की है जब एक बेटी ने अपने प्रेमी के संग रंगरलियाँ मनाने में आई परेशानियों की वजह से अपनी माँ की हत्या करवाकर उसे लूट का अमलीजामा