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2012/04/16 11:58 am
१७ जुलाई , १९२७ को जन्मे चन्द्र शेखर सिंह विद्यार्थी जीवन से ही समाजवादी विचार धारा से प्रभावित हो गये थे | हाई स्कूल में अपने अध्यापक रूपनारायण जो कि एक अच्छे कवि भी थे , की प्रेरणा से विद्यार्थी
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2012/03/23 9:45 am
२३ मार्च , बलिदान व समाजवाद की एक यादगार – प्रेरक तारीख | २३ मार्च के ही दिन समाजवाद को नयी परिभाषा , नयी सोच और विचारो से कर्म तक के संघर्ष का नूतन पथ प्रदर्शित करने वाले डॉ राम
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2012/03/18 2:49 pm
श्री बलवंत सिंह का जन्म सरदार बुद्ध सिंह के घर पहली आश्विन संवत १९३९ दिन शुक्रवार को गाँव खुर्द पुर जिला जालंधर में हुआ था | आदम पुर के मिडिल स्कूल में आपका दाखिला कराया गया | कम उम्र में
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2012/03/03 8:53 pm
प्रतिदिन सूर्य उदय होता है ,अस्त होता है ,रात्रि अपना अंधकार फैलाती है | मानव जीवन की शुरुआत का अर्थ ही मौत का निश्चित आना है | ३ मार्च की रात विलक्षण प्रतिभा के धनी लाला हरदयाल जो सोये तो
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2012/02/29 8:48 pm
अरविन्द केजरीवाल जैसे लोग सिर्फ बातो के वीर है , धन लेकर ही कार्यक्रम करवाने वाले ये लोग सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ताओ के संघर्षमयी जीवन को क्या जाने ? अपराधियो को कोई अच्छा नहीं मानता लेकिन जन संघर्षो में दर्ज मुकदमो से
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2012/02/22 1:22 pm
डॉ राम मनोहर लोहिया ब्रितानिया हुकूमत से आजादी की जंग लड़ने वाले सेनानी के साथ साथ आजाद भारत में कांग्रेस सरकार की गलत नीतिओ के खिलाफ लड़ने वाले महान समाजवादी चिन्तक व योद्धा भी थे | आजाद भारत में व्याप्त
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2012/02/04 12:48 am
जाति के रथ पे सवार तमाम राजनीतिक दलों की सेनाएं लोकतान्त्रिक रण भूमि में अपने कौशल दिखाने के लिए नाना प्रकार के हथकंडे अपनाने में कोई गुरेज़ नहीं करती है | वर्तमान राजनीति में नैतिकता की बातें कभी -कभार जिह्वा
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2012/01/23 5:44 pm
उत्तर प्रदेश में चुनावी दंगल ,राहुल -अखिलेश का युवा नेतृत्व ,चुनौतियाँ और संभावनाएं : उत्तर प्रदेश की चुनावी राजनीति का पारा दिन प्रति दिन तेज़ी से बढ़ता ही जा रहा है | विधान सभा के आम चुनावो में
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2012/01/23 5:35 pm
राहुल गाँधी को काला झंडा दिखाने वाले युवा को सपा से निकालना ठीक नहीं दुर्भाग्य ही है कि आज कांग्रेस सरकार की मदद अपने को डॉ लोहिया के लोग मानने वाले समाजवादी लोग ही कर रहे है | डॉ लोहिया की गैरकांग्रेस वाद
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2011/12/16 7:42 pm
भारत एक कृषि प्रधान देश है| भारत की बहुसंख्यक आबादी कृषि से ही जुडी है| आज भी भारत की बहुसंख्यक आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष भारत रूप से ग्रामीण जीवन से सरोकार रखती ही है| ग्रामीण अंचलों में आजादी के पश्चात्