जामिया ने लटकाई एक मासूम की जिंदगी
1चार साल पहले एक ऐसी चंचल लड़की से मिला था जिसे देखकर ऐसा लगता था मानो उसने दुख या उदासी कभी देखी ही न हो। हर वक्त हंसना खिलखिलानाए सबके साथ उठना बैठना ए सबसे बातें करनाए दोस्ती करनाए रोते
चार साल पहले एक ऐसी चंचल लड़की से मिला था जिसे देखकर ऐसा लगता था मानो उसने दुख या उदासी कभी देखी ही न हो। हर वक्त हंसना खिलखिलानाए सबके साथ उठना बैठना ए सबसे बातें करनाए दोस्ती करनाए रोते
हाल ही में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अन्य पिछड़ा वर्ग के मालदार यानी की क्रीमी लेयर तबके के लिये वार्षिक आमदनी की न्यूनतम सीमा को ढाई लाख से बढ़ा कर चार लाख कर दिया है। सरकार की दलील है कि इस
दस साल पहले भी दिल्ली में लोकल ट्रेन चलती थी आज भी चल रही है । वही रंग-रूप वही सीटें वही पटरियां और स्टेशन भी वही। हां लेकिन भीड़ कुछ बढ़ गई है, लोगों की भी और जेबकतरों की भी।
अक्सर हम कुछ लोगों से या कुछ चीजों से दूरी बना लेते हैं । कई बार बिना किसी कारण के उनसे धृणा करने लगते हैं । जिनके बारे में या तो हम अनभिज्ञ होते हैं या फिर हमारा पूर्वाग्रह उन
भारत एक ऐसा देश है जहां धर्म का कारोबार सबसे तेजी से फल फूल रहा है। इस धंधे में हर तरह की गंदगी को नज़र अंदाज किया जाता है। इस पाक कारोबार में हर तरह का धन उज्ज्वल होता है
पुस्तकें अपनी पहचान और महत्व को खोती जा रहीं हैं । पढ़ने की संस्कृति विलुप्त हो रही है । फिर दौड़भाग भरी जिंदगी में टीवी, इंटरनेट, फेसबुक और ईबुक जैसे माध्यमों ने किताबों की प्रासंगिकता को खत्म कर दिया है।
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कश्मीर आज भले ही आतंकवाद, अलगाववाद, धार्मिक कट्टरता के कारण दुनिया के सबसे संवेदनशील स्थानों में से एक माना जाता है। यहां की वादियां भले ही आज खून से लाल है, लेकिन इतिहास सदा से ही कश्मीर की गौरवशाली गाथा