Articles By: anamika

आसमां के पार

आसमां के पार

0 2010/10/20 7:14 am

आसमां के पार भी एक जहां है जहां नही है प्रेम पर पहरेदारी उन्मुक्त पवन है चलती किसी ने नहीं किया है प्रदूषित अपने उत्पाद से स्वच्छा नदियाँ हिलोरें मारती, कलकल ध्वनि से मुखरित सदा बहती किसी ने बांधा नहीं

रात का सूनापन

रात का सूनापन

0 2010/09/15 11:19 am

रात का सूनापन मेरी जिन्दगी को सताए दिन का उजाला भी मेरे मन को भरमाये क्यों इस जिन्दगी में सूनापन पसर गया खिलखिलाती ये जिन्दगी गम में बदल गया आना मेरी जिन्दगी में तेरा एक नया सुबह था वो रात

जी लेने दो

जी लेने दो

1 2010/08/24 2:04 pm

कतरा-कतरा ज़िंदगी का पी लेने दो बूँद बूँद प्यार में जी लेने दो हल्का-हल्का नशा है डूब जाने दो रफ्ता-रफ्ता “मैं” में राम जाने दो जलती हुई आग को बुझ जाने दो आंसूओं के सैलाब को बह जाने दो टूटे

एलियंस का मानव से संपर्क असफल

एलियंस का मानव से संपर्क असफल

1 2010/08/22 12:59 am

वैज्ञानिकों ने कहा एलियंस मानव से संपर्क तो कर रह हैं पर वह असफल हो जा रहा है। वैज्ञानिकों ने कहा है कि हो सकता है कि एलियंस (परग्रही) धरती पर मानव से संपर्क स्थापित करने के लिए दशकों से

नज़्म

नज़्म

0 2010/08/22 12:50 am

(1) चाँद खिला पर रौशनी नही आयी रात बीती पर दिन न चढ़ा अर्श  से फर्श तक  के सफ़र में कमबख्त रौशनी तबाह हो गया (2) दिल की हालत कुछ यूं बयान हुई कुछ इधर गिरा कुछ उधर गिरा राह-ए-उल्फत