Articles By: अमित कुमार मीत अमित कुमार मीत

दबी कुचली नीतियाँ और आधुनिक कचरे का निपटारा

दबी कुचली नीतियाँ और आधुनिक कचरे का निपटारा

0 2012/05/03 1:02 am

सोफे पर बैठे-बैठे हम खबरों की दुनिया से निकलकर फिल्मी दुनिया में घूमने लगते हैं। रिमोट के बटन के आसरे चैनल बदलने का सिलसिला शुरू हो जाता है। कंप्यूटर पर उंगलियों के आसरे हम दुनियाभर  में होने वाली गतिविधियों को

विचारधारा का संगम “कॉफी हाऊस”

विचारधारा का संगम “कॉफी हाऊस”

0 2012/04/25 10:51 am

शाह आलम भाई के अनुभवों का फायदा मुझे पिछले करीब 10 महीने से मिल रहा है। वो मेरे सहकर्मी और सहयोगी भी हैं। आज जब कनॉट प्लेस में बिना किसी काम के पहुँचा तो मन हुआ कि कॉफी हाऊस चला

संघ विरोधी कांग्रेसी उतावलापन

संघ विरोधी कांग्रेसी उतावलापन

0 2010/11/19 5:03 pm

राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के पूर्व प्रमुख कुप्हल्ली सीतारमैया सुदर्शन के सोनिया संबंधी बयान से कांग्रेस तिलमिलाई घूम रही है उसके कार्यकर्ताओं के हिंसक विरोध ने ये साबित कर दिया कि हिंसा कांग्रेस के खून में कूट कूट कर भरी हुई

मुल्ला भए मुलायम

मुल्ला भए मुलायम

0 2010/10/06 6:20 am

एक बार फिर सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव को मु्ल्ला मुलायम कहने का दिल कर रहा है।वैसे मुलायम ये उपाधि पाकर खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे होंगे।उन्हें पहली बार इस उपाधि से 90 के दशक में नवाजा गया जब

स्वतंत्रता बेमानी है !

स्वतंत्रता बेमानी है !

1 2010/08/21 2:02 pm

63 साल बाद भी तिरंगा शान से लाल किले कि प्राचीर पर लहर रहा है.तिरंगे के लहरने का कारण वादियों में चलने वाली हवा है न कि हमारा जोश.वो निरंतर लहरता रहेगा जब तक फिजाओं में हवाऐं चलती रहेंगी.लेकिन आजादी

जनगणना या जातिगणना  !

जनगणना या जातिगणना !

0 2010/07/16 10:00 am

जात ही पुछो साधु की,मत पुछिए ज्ञान, मोल करो मयान का,ऊपर से होती पहचान | भारतीय सामाजिक व्यवस्था में दोहों का मतलब बदलने में समय नही लगता. झुठ,फरेब और ऊपरी दिखावे के आसरे सत्ता के तवे पर राजनीतिक लोग और

शक्ति प्रदर्शन ही कश्मीर त्रासदी का हल

शक्ति प्रदर्शन ही कश्मीर त्रासदी का हल

0 2010/07/10 9:09 am

जम्मू कश्मीर में जो भयावह हालात अभी बन रहे हैं वो समूचे देश के लिए एक बड़े खतरे को जन्म दे रहें हैं.भारत विरोधी मानसिकता तो हमेशा से कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में व्याप्त रही ही है और उसको समय-समय

बाबा की गुफा में मोबाइल

बाबा की गुफा में मोबाइल

1 2010/07/10 1:27 am

कुछ समय पहले टीवी पर एक विज्ञापन आता था | जिसमे एक लडकी एक बुजुर्ग महिला को मंदिर की घंटी अपने फोन के माध्यम से सुनाती है |दरअसल ये विज्ञापन एक मोबाईल नेटवर्क का था जो भावनाओं को केवल भुना