क्या यही लोकतंत्र है ?
0भारत एक लोकतान्त्रिक देश है और लोकतंत्र में जनता के द्वारा चुने हुए प्रतिनिधि बहुमत के हिसाब से ही केंद्र या राज्य में अपनी सरकार बनाते है। सरकार का कार्य होता है वह राज्य या देश कि जनता के हितो
भारत एक लोकतान्त्रिक देश है और लोकतंत्र में जनता के द्वारा चुने हुए प्रतिनिधि बहुमत के हिसाब से ही केंद्र या राज्य में अपनी सरकार बनाते है। सरकार का कार्य होता है वह राज्य या देश कि जनता के हितो
डरे हुए हम लोग सभी है मनमानी कर रही सरकार। बढ़ा बढ़ा कर महंगाई को जीना कर दिया है दुश्वार ॥ ऐसा जीना क्या जीना जहाँ मर मर के हर रोज जिए। जिन्दा हो तो निकलो तुम फिर छीनो अपना
अन्ना हजारे का आन्दोलन एक सवाल खड़ा करता है भारत जैसे लोकतान्त्रिक देश में इतने बृहत् पैमाने पर जन-आन्दोलन क्यों सफल होता है। एक तरफ जनता खड़ी तो दूसरी तरफ सरकार। भारत को आज़ादी मिले ६४ साल ही हुआ है
भ्रष्टाचार एक लाइलाज बीमारी है जब यह बीमारी किसी को होती है तो उसके शरीर पर विभिन्न प्रभाव डालते है :- जैसे (१) इस बीमारी का प्रभाव सबसे पहले मानव के मस्तिस्क पर होता उसके सोंचने समझने कि शक्ति
अन्ना के आन्दोलन से जुड़े अपार जन समूह को देखने के बाद भी हमारे मंत्री और सांसद आन्दोलन के विरोध में बोलने से चुक नहीं रहे है। शायद इसकी खामियाजा आने वाले वक्त में भुगतना पड़ेगा। हमारे कानून मंत्री
दिल्ली की सडकों पर उमड़ा जन सैलाब अद्भुत, अद्वितीय है, यह जन सैलाब दिल्ली की सडको से बढ़ते-बढ़ते अब भारत के हर राज्य, जिला और कस्बो तक बढ़ते जा रहा है, यह किसी को उम्मीद भी नहीं थी की एक
हमें गर्व है हम है बिहारी , भारत की शान है । जहाँ भी देखो सबसे ऊपर बिहारी का नाम है॥ सीता जी कि जन्मभूमि है ,ज्ञान भूमि यह राम की। कर्म भूमि यह गाँधी जी की
बिहार विधान सभा चुनाव परिणाम में एनडीए को तीन चौथाई बहुमत का मिलना यह जताता है कि “जो सरकार काम करेगी वही राज करेगी”। पिचले पांच सालों में एनडीए कि सरकार ने बिहार में जो काम किया उसके एवज में
सोनी टीवी पर रात्रि नव बजे सोमवार से वृहष्पतिवार तक महानायक अमिताभ बच्चन द्वारा प्रस्तुत “कौन बनेगा करोडपति” का प्रसारण हो रहा है। इसमे हर सवाल का चार जबाब कम्प्यूटर पर दिखाए जाते है जिसमे से एक जबाब सही होता
भारतीय राजनीत में क्षेत्रीय पार्टियों का घुसपैठ तेजी से बढ़ता जा रहा है जिसका खामियाजा देश को भुगतना पड रहा है क्यों कि किसी भी राष्ट्रिय पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के कारण सरकार बनाने के लिए उसे छेत्रिय