रामलीला की काली रात
0तरुण भारतीय 4 जून की काली रात के बाद दिल्ली से लौटने के बाद बहुत कुछ पढ़ा लेकिन लिखा कुछ नहीं | बहुत दु खी था इस कारण कलम लिखने को बेताब थी परंतु हिमत नहीं हो पा रही थी
तरुण भारतीय 4 जून की काली रात के बाद दिल्ली से लौटने के बाद बहुत कुछ पढ़ा लेकिन लिखा कुछ नहीं | बहुत दु खी था इस कारण कलम लिखने को बेताब थी परंतु हिमत नहीं हो पा रही थी
धर्मेद्र केशरी कुछ दिन पहले ही कांग्रेस के युवराज और युवाओं के हिमायती राहुल गांधी आधी रात के बाद भट्टा परसौल गांव पहुंचे थे। राहुल के मुताबिक वहां वो किसानों के हक की लड़ाई लड़ने गए थे। वो भी तब,
आशुतोष तिवारी ( गूगल ग्रुप से साभार ) भ्रष्टाचारों से घिरी भ्रष्टाचारियों की केंद्र सरकार अब अन्ना हजारे और बाबा रामदेव से बुरी तरह डर गई है. अपनी पोल खुलती देखकर सरकार अब इन लोगों की आवाज को दबाने और
बाबा रामदेव एवं उनके समर्थकों पर बिना किसी उत्तेजना एवं कारण जिस प्रकार मध्य रात्रि में पुलिस द्वारा बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया गया उसकी हम भर्त्सना करते हैं। पुलिस ने महिलाओं बच्चों एवं बुजूर्गों को भी अपने दमन चक्र से नहीं
बाबा रामदेव के अनशन के दौरान केंद्र सरकार के निर्देश पर हुई पुलिसिया कार्यवाही ने अन्ना और बाबा को फ़िर से एक कर दिया है | कल तक रामदेव के अनशन पर सवाल खड़े करने वाली अन्ना हजारे की टीम
गुलाब कोठारी भारतवर्ष एक पुरातन, बहुभाषी और सांस्कृतिक विभिन्नता वाला राष्ट्र है। यहां लोकतंत्र भी अखण्डता, एकता और सम्प्रभुता के चिन्तन पर आधारित है। देश के बंटवारे के साथ हिन्दू-मुस्लिम एक विरोधाभासी सम्प्रदाय के रूप में उभरने लगे। राजनेताओं ने
सोनिया गाँधी की अध्यक्षता वाली National Advisory Council ने अभी हाल में सांप्रदायिक एवं लक्षित हिंसा विधेयक का मसौदा तैयार किया है | इस विधेयक के मसौदे को लेकर विवाद चल रहा है | मसौदे में “समूह “ की परिभाषा को
हर्ष मंदर के नाम एक सहकर्मी का खुला पत्र आदरणीय हर्ष सर , नमस्कार। यह संभवतः मेरा अन्तिम पत्र ही होगा आपके लिये क्योंकि आप जानते हैं अमन बिरादरी में जिस तरह के हालात हैं उसमे किसी सीधे-सच्चे आदमी के लिये
जनविरोधी है यूपीए का प्रस्तावित सांप्रदायिक हिंसा बिल सत्तारूढ़ यूपीए सरकार का प्रस्तावित सांप्रदायिक एवं निर्देषित हिंसा प्रतिरोध विधेयक न केवल संवैधानिक रूप से त्रुटिपूर्ण है, लेकिन राजनीति से प्रेरित होकर देश की एकता और अखंडता के लिए खतरनाक है।
देश की राग-राग में बसे भ्रष्टाचार को लक्ष्य कर नए भारत के निर्माण को लेकर पिछले 5 सालों में दो बड़े अभियान शुरू किये गये ; गोविन्दाचार्य का राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन और बाबा रामदेव का भारत स्वाभिमान | साल 2011