Articles By: जनोक्ति डेस्क जनोक्ति डेस्क

झूठ का यकीन

0 2012/05/17 11:46 am

मुल्ला नसरुद्दीन इबादत की नई विधियों की तलाश में निकला. अपने गधे पर जीन कसकर वह चीन, मंगोलिया गया और बहुत से ज्ञानियों और गुरुओं से मिला पर उसे कुछ भी नहीं जंचा, उसे किसी ने नेपाल में रहनेवाले एक

‘सत्यमेव जयते’ की टीम से एक सवाल

‘सत्यमेव जयते’ की टीम से एक सवाल

0 2012/05/17 10:30 am

सवा अरब की आबादी में अपना दर्द बताने के लिए एक ही व्यक्ति मिला दो कार्यक्रमों को, हरीश अब पीड़ित कम जूनियर आर्टिस्ट अधिक लगता है. इसके लिए आमिर खान को दोषी ठहराना भी ठीक नहीं होगा, लेकिन प्रोडक्शन के

पैसे और पद को प्रतिष्ठा से जोड़ना भ्रष्टाचार की जड़

0 2012/05/17 10:18 am

पैसे और पद को सामाजिक प्रतिष्ठा से जोड़ने की आदत जबसे लगी भ्रष्टाचार का भयानक रोग बढ़ता ही गया | ये तभी रुकेगा जब समाज केवल पैसों और पद की वजह से किसी को सम्मान देने के बजाय उसके कर्मो

नागालैंड में 8 विदेशी राजनयिकों को दौरे की इजाजत क्यों ?

नागालैंड में 8 विदेशी राजनयिकों को दौरे की इजाजत क्यों ?

0 2012/05/16 11:34 pm

वेटिकन, इटली और नॉर्वे सहित 8 देशो के राजनयिकों को सोनिया गाँधी की सिफारिशी पत्र से नागालैंड मे जाने की अनुमति केन्द्र सरकार ने दी जबकि भारत के नागरिकों को नागालैंड जाने के लिए विशेष अनुमति लेनी पड़ती है |

बेचारा बस्तर !

बेचारा बस्तर !

0 2012/05/15 11:56 am

|राजीव रंजन प्रसाद | एलेक्स पॉल मेनन के अपहरण से जुडी घटना को अध्याय की समाप्ति की तरह नहीं देखा जाना चाहिये। जैसे ही फोर्स को पीछे हटने के लिये कहा गया और नक्सली बंदूखे आगे आ गयीं। बीजापुर में

मनमोहन सरकार की उड़ान , आम आदमी परेशान

मनमोहन सरकार की उड़ान , आम आदमी परेशान

0 2012/05/14 11:52 am

जिस बैकिंग सेकटर को मनमोहन सिह खोल चुके है उस पर इंदिरा की राय थी कि बैकिंग संस्थान सामाजिक नियंत्रण में रहें। वह आर्थिक विकास में भी मदद दें और सामाजिक जरुरतों के लिये भी धन मुहैया करायें। जिस बीमा

नीतीश को भी ‘तवज्‍जो’ नहीं देती गोपा सब्‍बरवाल

नीतीश को भी ‘तवज्‍जो’ नहीं देती गोपा सब्‍बरवाल

0 2012/05/14 11:25 am

ज्ञानेश्वर वात्स्यायन ईश्‍वर ही जानता है नालंदा अंतर्राष्‍ट्रीय विश्‍वविद्यालय का भविष्‍य । वैसे बिहार के वरिष्‍ठ पत्रकार के के सिंह साहब ने अगले वर्ष से शैक्षिक सत्र के शुरु होने की आस जगाई है । लेकिन कहां और कैसे शुरु

एक हाथ उठा है इन बेबस किसानों की मदद के लिए

एक हाथ उठा है इन बेबस किसानों की मदद के लिए

0 2012/05/13 9:13 pm

विदर्भ में किसान अत्यंत दयनीय परिस्थिति में जी रहे हैं | हर साल सूखे की मार से फसल,मवेशी और किसानों की मौत का सिलसिला लगा रहता है | हर दिन मरते हुए एक दिन दुनिया से खुद को विदा कर

60 साल की संसद और आज के सवाल

60 साल की संसद और आज के सवाल

3 2012/05/13 11:22 am

चंचल आज जश्न का दिन है | संसद साठ साल की हो गई | लेकिन आज संसद कटघरे मे खड़ी की जा रही है । कुछ दक़ियानूसी ताक़तें ,तानाशाही सोच के हामी लोग ,धूर्त पाखंडियों को सामने लाकर के संसद

मौत बाँटने का खेल : प्रतिबंधित  दवाओं का कारोबार

मौत बाँटने का खेल : प्रतिबंधित दवाओं का कारोबार

0 2012/05/12 2:18 pm

स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभावों के कारण दुनिया भर में प्रतिबंधित कई दवाएं भारत में धड़ल्ले से सालाना करोडों  रुपये का कारोबार कर रही हैं। ग्लोबल स्तर पर प्रतिबंधित दवाओं को बेचने की इजाजत देने के आरोप भारत पर लंबे समय