मैं पुराना जनसंघी हूँ:सुब्रमण्यम स्वामी
1सन 74 से पांच बार देश की संसद के दोनों सदन राज्यसभा और लोकसभा में पहुँचने वाले सुब्रमण्यम स्वामी ‘वन मेन आर्मी’ कहे जाते हैं | छात्र जीवन से ही भ्रष्टाचार के खिलाफ कानून और संविधान के दायरे में रहकर
सन 74 से पांच बार देश की संसद के दोनों सदन राज्यसभा और लोकसभा में पहुँचने वाले सुब्रमण्यम स्वामी ‘वन मेन आर्मी’ कहे जाते हैं | छात्र जीवन से ही भ्रष्टाचार के खिलाफ कानून और संविधान के दायरे में रहकर
भोजपुरी सिनेमा अपने पचासवे पायदान पर आ चुका है और हालात कुछ ऐसे हैं जैसे पुरे भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री को मुंह छिपाने की जगह ना मिल रही हो | सब एक दुसरे की शक्ल देख रहे हैं लेकिन कौन पूछे
सोमवार 30 जनवरी को लायंस क्लब जयपुर मधुरम के विशेष आमन्त्रण पर भ्रष्टाचार एवं अत्याचार अन्वेषण संस्थान (बास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ने क्लब के सदस्यों को सम्बोधित करते हुए सजग, सतर्क और जागरूक नागरिक बनने के लिये
पुणे में राष्ट्रमंडल खेल भ्रष्टाचार के आरोप में जेल हो आये कलमाड़ी का कांग्रेसी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं द्वारा स्वागत किया जाना वर्तमान राजनीति में भ्रष्ट लोगों की स्वीकार्यता का प्रमाण है | 9 महीने जेल में रहने के बाद जमानत
बाबा रामदेव ने सुब्रमण्यम स्वामी की अध्यक्षता में एक्शन कमिटी अगेंस्ट करप्शन ( Action Committee Against Corruption in India ) का गठन किया है | इस कमिटी में के.एन .गोविन्दाचार्य और एस. गुरुमूर्ति जैसे जाने -माने रणनीतिकार प्रमुखता से शामिल
रवि शंकर केंद्रीय कैबिनेट से भले ही बिहार गायब दिखता हो मगर केंद्र के मंत्रालयों में बिहार कैडर के अफसरों का दबदबा साफ दिखता है. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का 2009 में दूसरी बार प्रधानमंत्री बनना बिहार में उतना चर्चा का
महीने भर से कई मामलों में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर देश में राजनीति गरम है | कल तक अदालती फैसले को आधार बना कर कांग्रेसी नेता गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी पर हल्ला बोल रहे थे | लेकिन गुरुवार
चर्चित 2g स्पेक्ट्रम घोटाले में गुरूवार को सुप्रीम कोर्ट ने फैलसा सुना दिया है | भ्रष्टाचार के खिलाफ देश के जनमानस में जो गुस्सा है उसे देखते हुए इस अदालती फैसले को हर ओर समर्थन ही मिल रहा है |
सलमान रुश्दी प्रकरण को जिस प्रकार उछाला गया और जैसा ओछापन कांग्रेस सरकार ने दिखाया वह बेहद निंदनीय है | रुश्दी प्रकरण में देश के अधिकाँश बुद्धिजीवी कहे जाने वाले और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर गला फाड़ने वाले लोग चुप्पी
पत्रकारिता की दुनिया देखते-देखते मीडिया हो गयी | कभी एक अकेले व्यक्ति की मेहनत से अखबार निकलने की कहानी पर आज यकीं नहीं होता | पंडित युगुल किशोर शुक्ल , भारतेंदु हरिश्चंर और बाबु विष्णु राव पराड़कर की जीवटता आज