हाशिमपुरा कत्लेआम – सेकुलर दाग अच्छे हैं?
0अब्दुल रशीद, सिंगरौली मध्य प्रदेश कुछ ऐसे हादसे होते हैं जिनके जख्मों के निशान इतने गहरे होते हैं कि वक्त्त भी उसे भरने से परहेज करता है और इंसानियत भी मरहम लगाने से। और ज़रा सा कुरेदने पर असहनीय दर्द
अब्दुल रशीद, सिंगरौली मध्य प्रदेश कुछ ऐसे हादसे होते हैं जिनके जख्मों के निशान इतने गहरे होते हैं कि वक्त्त भी उसे भरने से परहेज करता है और इंसानियत भी मरहम लगाने से। और ज़रा सा कुरेदने पर असहनीय दर्द
विशेष प्रकार के सलाहकारों का मानना है की गरीबों के घर को बिजली से रौशन करने के लिए बिजली का उत्पादन करना जरुरी है,और आम जनता भी इसी धारणा को मानती चली आ रही है। लेकिन क्या यह सत्य है
अन्ना हज़ारे बेशक साफ छवि के हैं लेकिन उनकी टीम भी बेदाग है। क्या कोई ऐसा दावा कर सकता है? मनमोहन सिंह ईमानदार छवि के हैं लेकिन उनकी टीम भी ईमानदार छवि की है ऐसा भी कोई दावा नहीं कर
अब्दुल रशीद, सिंगरौली, मध्य प्रदेश राजनीति में न तो वायदे भुलाए जाते हैं और न ही निभाए जाते हैं बस वायदों कि राजनीति की जाती है। चेहरे और दल बदल कर। यह लोकतंत्र कि त्रासदी ही कहेंगे के जिस लोकतंत्र
उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की शानदार जीत इस बात का परिणाम है कि जनता गठबंधन की राजनीति से अब ऊब चुकी है और अब वह एक जिम्मेदार सरकार चाहती जो अपने काम के लिए पूरी तरह जिम्मेदार हो।
देश के पॉच राज्यों में चुनाव प्रकिया जारी है। दलों के चुनावी रणनीतिकार अधिक से अधिक सीटें जीत लेने के सभी उपाय करने से नही चूक रहे। इस दौड में कांग्रेस पार्टी सबसे आगे जा रही है। केन्द्र में सत्ता
देश के पॉच राज्यों में किया जा रहा मतदान का प्रतिशत अबतक का सभी पिछला रिकार्ड तोड़ रहा है। यह पहली बार है कि स्वीकृत मतदाता भारी संख्या में मतदान केन्द्रों पर पहुँच कर मतदान करते दिख रहे है। जनता
आप किसी चौराहे से गुजरते वक्त वहां खडे सैंकड़ों लोगो को नोटिस नहीं करते लेकिन यदि उस चौराहे पर कोई शराबी खडा होगा तो तुरंत उसके तरफ ध्यान आकर्षित हो जाएगा कारण मनुष्य की ऐसा प्रवृत्ति होती है कि वह
सियासत में जीत सबसे अहम होता है। और लोक तन्त्र के लिए लोक और तन्त्र अहम होता है। दुर्भाग्य से दुनिया के सबसे बड़े लोक तन्त्र में आज लोक कि स्थिति इतनी प्रभावशाली नही दिखती कि वह तन्त्र को चलाने
‘न उगाही- न गुण्डई- न भ्रष्टाचार, हम देंगे सुथरी सरकार ‘ भाजपा एक ओर विधान सभा चुनाव में इन्हीं नारो के दम पर चुनाव लड़कर विजयश्री का ताज पहनना चाहती है और दुसरी ओर कर्नाटक के मंत्री विधान सभा के कार्यवाही के